नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से मौत का आंकड़ा अब 800 के करीब पहुंच गया है. इधर भोटेकोशी नदी में पानी का स्तर बढ़ने से फिर से एक बार चिंता बढ़ गई है. नेपाल के अधिकारियों ने प्रभावित जिलों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल कर्मियों को अलर्ट पर रहने को कहा है.
नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 797 हो चुकी है. द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तिब्बत में 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 546 अन्य लापता बताए जा रहे हैं. बाढ़ की वजह से 3,048 लोग लापता हैं. नेपाल का चितवन जिला सैंकड़ों अज्ञात पीड़ितों के लिए सामूहिक दफन की कब्रगाह बनकर रह गया है. अधिकारियों ने जिले के देवघाट जंगल में सैकड़ों कब्रें खोदी हैं. यहां जंगल के रास्ते उन शवों के लिए अस्थायी कब्र का काम कर रहे हैं. इनमें उन लाशों को दफनाया जा रहा है, जो या तो सड़ गल चुकी है, या उनकी पहचान नहीं हो सकती है. नेपाल के प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक 4,451 लोगों को बचाया गया है. रेस्क्यू जारी है.
भारत समेत अभी भी सैकड़ों विदेशी नागरिक लापता हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार कम से कम 320 भारतीय नागरिक लापता हैं. चीन विदशा मंत्रालय ने कहा है कि 100 चीनीा नागरिक लापता हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने लापताओं की संख्या 90 बताई है. नेपाली पुलिस ने कहा है कि 62 यूक्रेनी नागरिक लापता हैं. मलेशिया के 51 नागरिक लापता हैं. ऑस्ट्रेलिया के 41, यूके के 33, कनाडा के 30 और दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, पुर्तगाल, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड से आए यात्रियों की संख्या भी लापता लोगों में शामिल है.
रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अन्य जानकारी देते हुए कहा है कि 85 अमेरिकी अभी भी लापता हैं. एबीसी न्यूज से बात करते हुए अमेरिका के विदेश मंत्रालय टॉमी पिगॉट ने बताया कि नौ अमेरिकियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. उन्हें इस आपदा में किसी आमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं है.
त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में भारत-नेपाल सेना का ज्वाइंट ऑपरेशन
नेपाल के सेना इंजीनियरों ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट में अपर त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिशें तेज कर दी है. वे भारी मशीनों और ब्लास्टिंग का इस्तेमाल करके मलबे में दबे ढांचे में एक रास्ता चौड़ा कर रहे हैं. नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में नौ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में कुल 537 वर्कर और कर्मचारी लापता हैं. इनमें त्रिशूली-3A प्रोजेक्ट भी शामिल है.
शनिवार देर रात नेपाली सेना त्रिशूली 3A पनबिजली परियोजना स्थल पर एक सुरंग में पाइप डालने में सफल हुई है. यहां 100 से ज्यादा मजदूरों के जीवित होने की संभावना जताई गई है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. वहीं, यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि बड़े पैमाने पर हुई तबाही के बीच 17000 बच्चों को तुरंत मानवीय सहायता की जरूरत है. इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में 18 स्कूल नष्ट हो गए हैं. 20 को नुकसान पहुंचा है. इससे हजारों बच्चों की पढ़ाई पर असर हुआ है.
नेपाल में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग इलाके में हाइड्रोपावर टनल साइट्स पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए नेपाली सेना की टीम के साथ काम किया. यह टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखेगी.’
इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल के मुताबिक इस साइट पर ऑपरेशन का मुख्य मकसद 60 MW वाले प्रोजेक्ट पर संपर्क से बाहर हुए 42 लोगों तक पहुंचना है. इसमें 42 टेक्निकल कर्मचारी अंडरग्राउंड पावरहाउस की मरम्मत का काम कर रहे थे. तभी वे सुरंग के अंदर फंस गए.
तिब्बती इलाकों में किन देशों के कितने नागरिक फंसे
तिब्बती हिस्से में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी लापता हैं. इनमें सबसे ज्यादा संख्या नेपाल (104), भारतीय (49), लातवियाई (33), अमेरिकी (18) और ब्रिटिश नागरिक (15) लापता हैं. ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री सीनेटर पेनी वोंग ने बताया किया ऑस्ट्रेलिया नेपाल सीमा पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता के तौर पर 3 मिलियन डॉलर भेज रहा है. 42 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का अभी भी कोई पता नहीं है.
सदगुरू बोले- 20 सालों में नेपाल मेरे दिल के बहुत करीब आ गया है
नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु ने कहा कि पिछले 20 सालों में नेपाल मेरे दिल के बहुत करीब आ गया है. ऐसे समय में हम वजहें ढूंढने, दर्शन गढ़ने और कुछ रहस्यमयी संभावनाएं तलाशने की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यों हुआ. हमें यह समझना होगा कि भौतिक दुनिया में होने वाली इन सभी घटनाओं पर भौतिक नियम ही लागू होते हैं. यह कहना कठोर लग सकता है क्योंकि हर कोई इसके पीछे दैवीय कारण खोजना चाहिए. दुर्भाग्य से पिछले दस सालों में नेपाल के लोगों को कई झटके और मुसीबत झेलनी पड़ी हैं. उन्होंने इसे सहा है.
नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.
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