इलाहाबाद हाई कोर्ट में हायर जूडिशल सर्विस के तहत नियुक्तियों का मामला लेकर सीनियर वकील प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि यह मामला बहुत छोटा है और हाई कोर्ट में चार साल से लंबित है। अगर सुप्रीम कोर्ट इशारा भर कर दे तो काम बन जाएगा। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने प्रशंत भूषण से कहा, आपको पता भी है कि हाई कोर्ट में यह मामला लंबित है।
इसपर प्रशांत भूषण ने कहा, मुझे इसके बारे में पूरी जानकारी है। बात यह है कि मामला हायर जूडिशल सर्विसेज से जुड़ा है और इसलिए जल्द से जल्द इसकी सुनवाई होनी चाहिए। सीजेआई ने कहा, हर दिन हम लोगों के पास लगभग चर से पांच ऐसी याचिकाएं होती हैं जो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट से संबंधित होती हैं।
प्रशांत भूषण ने कहा, समस्या यह है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में बहुत सारी वैकेंसी हैं। ऐसे ही केस लटके हुए हैं और इसीलिए रिक्तियां हैं।भूषण ने कहा, बताया गया कि इंटरव्यू के नियमों का पालन नहीं किया गया। इंटरव्यू कम से कम 20 से 25 मिनट होना चाहिए था जो कि 4 से 5 मिनट में ही खत्म हो गया। ऐडवोकेट ने कहा, हाई कोर्ट में बहुत सारा वक्त तो केवल मामलों को खारिज करने में चला जाता है. अगर सुप्रीम कोर्ट हल्का सा भी इशारा कर दे तो इस मामले में सुनवाई आगे बढ़ सकती है।
भारत के सीजेआई सूर्यकांत नीत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालयों के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अनुशंसा की है।कॉलेजियम ने सोमवार को एक बैठक में ये सिफारिशें कीं। कॉलेजियम में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के अलावा जस्टिस विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश तथा न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिंह भी शामिल हैं।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। राजस्थान हाई कोर्ट के लिए यह सिफारिश ऐसे समय की गई है, जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ आरोप लगाए हैं। जस्टिस मेहता ने दो, 10 और 17 अगस्त को प्रधान न्यायाधीश को तीन पत्र लिखे थे, जिनमें उन्होंने राज्य के बाहर से स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया था।
विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का ‘C सर्टिफिकेट’ भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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