वाराणसी में बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर परिसर में हिंदी दिवस के अवसर पर साहित्यिक संस्था ‘तर्ज़-ए-सुख़न’ की ओर से विशेष काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। ‘हिंदी : भाषा, भाव और भविष्य’ विषय पर हुई गोष्ठी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और संकायों के छात्र-
विद्यार्थियों ने गीत, गजल, कविता और छंद के माध्यम से हिंदी भाषा एवं साहित्य के विविध रूप प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय ने की।
गीत, गजल और कविताओं से सजी महफिल
डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय ने हिंदी भाषा के महत्व और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए और अपनी रचनाएं भी सुनाईं। मयंक तिवारी ने गीत और गजल, श्रद्धा पटेल ने गीत और शिवम सांवरा ने छंद प्रस्तुत किए। हिमांशु सिंह ‘सनातनी’ की वीर रस की कविताओं ने श्रोताओं में उत्साह भरा। अखिल राज की गजल में समसामयिक विषयों की झलक दिखी। किरण सिंह की मार्मिक कविता और रोहित अस्थाना ‘प्रभव’ की हिंदी के सम्मान में प्रस्तुत गजल को भी सराहा गया।
डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय को किया सम्मानित
कार्यक्रम में साहित्य, भाषा और अभिव्यक्ति से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए गए। श्रोताओं ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। संचालन और आभार ज्ञापन ‘तर्ज़-ए-सुख़न’ के सचिव अखिल राज ने किया। समापन पर सोसाइटी की ओर से डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.