जैन धर्म का पवित्र पर्यूषण पर्व बुधवार से भगवान महावीर की जन्मभूमि कुंडलपुर के प्राचीन मंदिर में शुरू हो गया है। यह पर्व भादो सुदी पंचमी से चतुर्दशी तक चलेगा।
मंदिर में सबसे पहले भगवान का शुद्ध जल, दूध, दही और गन्ने के रस से अभिषेक किया गया। इसके बाद श्री जी की शांतिधारा हुई। शांतिधारा के कार्यक्रम का फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारण भी किया गया।
इस मौके पर कई परिवारों ने पुण्य कमाया। इनमें हेमंत जैन भोपाल, महावीर प्रसाद राजकुमारी जैन कोटा, प्रमोद जैन पिंकी जैन भिलाई, बंदना जैन हैदराबाद, चंदा देवी पाटनी गुवाहाटी, प्रमोद जैन दिल्ली और सुनील जैन नीरज जैन दिल्ली शामिल थे।
कुंडलपुर क्षेत्र के प्रबंधक जगदीश जैन ने बताया कि जैन धर्म में उत्तम क्षमा का सबसे ज्यादा महत्व है। पर्यूषण पर्व में क्षमा, मैत्री, करुणा, तप और मंत्र साधना पर खास जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यूषण प्रेरणा, मार्गदर्शन और अहिंसक जीवन शैली का एक प्रयोग है।
शाम को भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंगल आरती के साथ कार्यक्रम खत्म हुआ। इस मौके पर जगदीश जैन, राकेश जैन और पीयूष जैन का खास योगदान रहा।
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