एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान में बम की झूठी धमकी के मामले में फर्स्ट ऑफिसर मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आई हैं।
एअर इंडिया एक्सप्रेस बम धमकी मामला।
बम की झूठी धमकी में फर्स्ट ऑफिसर मुख्य संदिग्ध।
धमकी भरे नोट से फर्स्ट ऑफिसर की हैंडराइटिंग मैच।
पॉलीग्राफ टेस्ट में फर्स्ट ऑफिसर फेल, NIA को जांच।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सऊदी अरब के दम्माम से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान में हाल ही में हुई बम की झूठी धमकी के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में विमान की फर्स्ट ऑफिसर ही मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आई हैं। इस घटना के बाद विमान की अहमदाबाद में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी थी।
बता दें कि 31 अगस्त को एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX170) दम्माम से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान के शौचालय में एक पर्ची मिली, जिस पर लिखा था,’RED- BOMB।
इस धमकी के मिलते ही पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सतर्क किया और 31 अगस्त की शाम 4:27 बजे विमान को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। उस समय विमान में कुल 40 लोग, जिसमें 32 यात्री, 4 कॉकपिट क्रू और 4 केबिन क्रू सवार थे।
गौर करने वाली बात यह है कि अब अहमदाबाद पुलिस की जांच में कई ऐसे सुराग मिले हैं जो इस महिला फर्स्ट ऑफिसर की ओर इशारा करते हैं।
इतना ही नहीं पुलिस को यह भी पता चला है कि यह फर्स्ट ऑफिसर पहले भी एक अन्य उड़ान की क्रू मेंबर रह चुकी है, जिसमें इसी तरह की बम की झूठी धमकी मिली थी। दोनों मामलों के लिखावट के नमूने आपस में मेल खाते हैं।
गौरतलब है कि शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। मामले में गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अभी इस पूरे कृत्य के पीछे की असली मंशा या मकसद का पता लगाया जाना बाकी है।
दूसरी तरफ एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि वे इस सुरक्षा संबंधी घटना की जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच के निष्कर्षों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।