विशेषज्ञों ने यह भी पाया कि जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई में ईरानी अधिकारियों ने मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किए.
दीपक मंडल
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संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात के पर्याप्त आधार हैं कि अमेरिका ने ईरान में किए गए दो हमलों में युद्ध अपराध किए.
इन हमलों में कम से कम 177 आम नागरिक मारे गए.
ईरान पर स्वतंत्र इंटरनेशनल फ़ैक्ट फाइंडिंग मिशन की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि फ़रवरी में मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल और लामेर्द के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर हुए मिसाइल हमले अंधाधुंध हमले थे. इन हमलों में आम नागरिक मारे गए और सिविलियन इन्फ़्रास्ट्रक्चर को नुक़सान पहुंचा.
अमेरिका ने पहले लामेर्द पर हमला करने से इनकार किया था और कहा था कि वह मिनाब में हुई घटना की जांच कर रहा है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्षों को विश्वसनीय नहीं मानता.
विशेषज्ञों ने यह भी पाया कि जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई में ईरानी अधिकारियों ने भी मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किए.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से हुई हत्याएं सभी 31 प्रांतों में "चौंकाने वाले और अभूतपूर्व पैमाने" पर हुईं.
ईरान ने अभी तक इन निष्कर्षों पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि, वह पहले मानवाधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन के आरोपों को ख़ारिज करता रहा है
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