उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सोमवार से भारत और मंगोलिया की सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट-2026’ शुरू हो गया। विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हो रहा यह अभ्यास 3 अक्टूबर तक चलेगा। दोनों देशों की सेनाओं के 45-45 जवान इसमें हिस्सा ले रह
‘नोमैडिक एलिफेंट’ दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित होने वाला वार्षिक प्लाटून स्तर का सैन्य अभ्यास है। इसका पिछला संस्करण मई-जून 2025 में मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित किया गया था।
पहाड़ों में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन की ट्रेनिंग
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत अर्ध-शहरी और पर्वतीय इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता और आपसी तालमेल को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों के सैनिक सामरिक स्तर के अभियानों में एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और अनुभव साझा करेंगे।
अभ्यास के दौरान घेराबंदी एवं तलाशी अभियान, कमरे में कार्रवाई, विशेष हेलीकॉप्टर ऑपरेशन, साइबर सुरक्षा और ड्रोन-रोधी प्रणालियों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वास्तविक परिस्थितियों जैसे ऑपरेशनल परिदृश्यों में दोनों सेनाएं साथ मिलकर अभ्यास करेंगी।
ड्रोन से लेकर साइबर सुरक्षा तक पर जोर
इस बार के अभ्यास में पारंपरिक सैन्य अभियानों के साथ आधुनिक युद्ध तकनीक को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया है। सैनिकों को ड्रोन और ड्रोन-रोधी तकनीक के इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़े अभ्यास कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य बदलते सुरक्षा परिदृश्य में दोनों सेनाओं की अंतर-संचालनीयता यानी संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता बढ़ाना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नोमैडिक एलिफेंट-2026 भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास और दीर्घकालिक मित्रता को मजबूत करने में मदद करेगा।
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