बारह दिवसीय गणेश उत्सव के आखिरी दिन अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार सुबह से भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। पहला विसर्जन जुलूस शासकीय जेएनएस कॉलेज के खेल मैदान से खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के साथ निकला। यह जुलूस श्री जटाशंकर महादेव मंदिर
52 समितियों ने सजाए थे पंडाल
शुजालपुर मंडी में 25 और शुजालपुर सिटी में 27 सार्वजनिक उत्सव समितियों ने बड़े पंडालों में भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की थीं। इनमें से कई प्रतिमाएं 30 फीट तक ऊंची थीं। उत्सव समितियों ने सुबह से पूर्णाहुति की रस्म शुरू की। कई जगहों पर एक दिन पहले ही महाप्रसादी भंडारे किए गए थे, जबकि कुछ जगहों पर शुक्रवार को भी भंडारे चल रहे हैं।
तीन काउंटर पर जमा होंगी प्रतिमाएं
विसर्जन के लिए नगर पालिका ने आम लोगों से गणेश प्रतिमाएं इकट्ठा करने का इंतजाम किया है। इसके लिए श्रीराम मंदिर, शुजालपुर मंडी पुलिस चौकी चौराहा और रायकनपुरा महाकाली मंदिर चौराहे पर तीन काउंटर लगाए गए हैं। यहां जमा की गई प्रतिमाओं को नगर पालिका नियमों के अनुसार नदी किनारे ले जाकर विसर्जित करेगी।
तीन स्थानों पर विसर्जन की व्यवस्था
प्रशासन ने जमधन नदी, नेवज नदी और जटाशंकर बांध के पास तीन जगहों पर प्रतिमाओं के विसर्जन का इंतजाम किया है। नेवज नदी के बड़े पुल पर क्रेन, तैराक दल और प्रशासनिक अधिकारियों को खास तौर पर तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया
एडीएम अंकिता पाटकर और तहसीलदार मुकेश सावले समेत दूसरे अधिकारियों ने विसर्जन वाली जगहों पर जाकर व्यवस्थाएं देखीं। प्रशासन की ओर से विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
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