संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर एक बार फिर बड़ा समर्थन सामने आया है. पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने 24 सितंबर 2026 को UN महासभा में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि दुनिया में बदलाव हो चुका है, इसलिए सुरक्षा परिषद को भी ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला बनाया जाना चाहिए.
लुइस मोंटेनेग्रो ने कहा कि सुरक्षा परिषद को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए अफ्रीका, ब्राजील और भारत को स्थायी सीटें दिलाने की वकालत की. उनके मुताबिक इससे सुरक्षा परिषद आज की बदलती दुनिया के हिसाब से मजबूत दिखेगी. पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के मुताबिक इस फैसले से सुरक्षा परिषद को ज्यादा प्रभावी और तेजी से काम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को संगठन की आर्थिक जरूरतों और शांति अभियानों के लिए अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी चाहिए.
Portugal PM Luís Montenegro backs UNSC expansion, with seats for India, Africa, Brazil pic.twitter.com/f0RwnwRM7x
अभी UNSC में कितने स्थायी सदस्य हैं?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं. इनमें 5 स्थायी सदस्य हैं. अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन. इन पांचों देशों के पास वीटो पावर है. इसके अलावा 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं, जिन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है. भारत अभी सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है. भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और व्यापक सुधार की मांग करता रहा है. भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान मिलकर G4 के रूप में भी सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन मांगते रहे हैं.
पुर्तगाल पहले भी कर चुका है भारत का समर्थन
भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट देने की मांग पुर्तगाल की ओर से पहले भी सामने आती रही है. पुर्तगाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने 2022 में भी कहा था कि सुरक्षा परिषद में अफ्रीकी महाद्वीप के साथ कम से कम ब्राजील और भारत को जगह मिलनी चाहिए.
4 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. साल 2022 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हुए हैं. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डेस्क की भी जिम्मेदारी संभालते हैं. सेंट्रल यूनिर्वसिटी ऑफ साउथ बिहार से 2022 में पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल की. राजनीति, चुनाव, सामाजिक विषयों और साहित्य में रुचि है. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर जोर देते हैं. राजनीति से जुड़ी खबरों पर लगातार लिख रहे हैं
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