Shubham Raja
Date: 25-09-26 15:42
US Laser Weapon Hormuz: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में लेजर हथियार तैनात किए हैं. इनका इस्तेमाल ईरानी ड्रोन को रोकने और नष्ट करने के लिए किया जा रहा है. अमेरिकी सैनिकों के लिए यह तकनीक ड्रोन स्वार्म के खतरे से निपटने में मददगार साबित हो रही है. खास बात यह है कि इन हथियारों को चलाने के लिए रीकॉन्फिगर किए गए Xbox गेम कंसोल कंट्रोलर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा विभाग ने बताया है कि लेजर हथियारों की मदद से ड्रोन और आने वाली क्रूज मिसाइलों को महंगे मिसाइल सिस्टम की तुलना में कम खर्च में निशाना बनाया जा सकता है. अमेरिका पिछले करीब 50 साल से इस तकनीक को विकसित कर रहा है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब इस तकनीक का इस्तेमाल खुले माहौल में किया जा रहा है और दक्षिणी सीमा पर भी इसका परीक्षण चल रहा है.
अमेरिका ने होर्मुज में किस तरह का लेजर हथियार उतारा?
सामान्य एंटी-ड्रोन या एंटी-मिसाइल सिस्टम में किसी लक्ष्य को रोकने के लिए मिसाइल या दूसरे भौतिक इंटरसेप्टर की जरूरत होती है. लेजर हथियारों में ऐसी जरूरत नहीं होती. इसी वजह से कुछ परिस्थितियों में एक-एक हमले को रोकने की लागत कम हो सकती है. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना इस प्रोजेक्ट पर करीब 500 मिलियन डॉलर खर्च कर रही है.
लेजर सिस्टम को चलाने के लिए जनरेटर या बैटरी पैक से ऊर्जा ली जाती है. इसके बाद इस ऊर्जा को फोटॉन यानी प्रकाश के कणों में बदला जाता है. इन फोटॉन को एक बेहद केंद्रित बीम में बदला जाता है, जो टारगेट के किसी खास हिस्से पर लगातार ऊर्जा डालती है. इससे लक्ष्य का वह हिस्सा इतना गर्म हो सकता है कि ड्रोन के सेंसर काम करना बंद कर दें या पूरा ड्रोन नष्ट हो जाए.
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ के मुताबिक, ‘डायरेक्टेड एनर्जी कंसल्टेंट्स’ के प्रेसिडेंट मार्क नीस ने बताया कि इस सिस्टम की मदद से ड्रोन को सटीक तरीके से ट्रैक किया जा सकता है. इसके बाद लेजर बीम को लक्ष्य के उस हिस्से पर केंद्रित किया जाता है, जहां हमला करना हो. इससे सेंसर को खराब करने या पूरे ड्रोन को नष्ट करने की कोशिश की जा सकती है.
कैसे लेजर हथियार को कंट्रोल कर रहा है Xbox गेम कंसोल?
अमेरिकी सेना इन हाईटेक लेजर हथियारों को चलाने के लिए रीकॉन्फिगर किए गए Xbox गेम कंट्रोलर का भी इस्तेमाल कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य अधिकारियों का मानना है कि गेमिंग इंडस्ट्री पहले ही ऐसे कंट्रोलर तैयार कर चुकी है, जिन्हें आसानी से और तेजी से इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसे में पूरी तरह नया कंट्रोल सिस्टम बनाने के बजाय मौजूदा तकनीक को सैन्य जरूरत के हिसाब से बदलना आसान है.
‘लेजर वॉर्स’ न्यूजलेटर चलाने वाले जेरेड केलर के मुताबिक, लेजर हथियारों का इस्तेमाल अब सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक परिस्थितियों में किया जाना ज्यादा व्यावहारिक लग रहा है. Xbox कंट्रोलर को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग ‘Halo’ जैसे गेम में लेजर हथियार चला चुके हैं, उनके लिए इस तरह के कंट्रोल सिस्टम को समझना आसान हो सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, लेजर हथियारों का इस्तेमाल मैक्सिकन कार्टेल के खिलाफ कार्रवाई में और मिडिल ईस्ट में तैनात कुछ युद्धपोतों पर भी किया जा चुका है. हालांकि, जानकारों के अनुसार अब तक इन हथियारों का इस्तेमाल इंसानों को निशाना बनाने के लिए नहीं किया गया है.
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