भास्कर न्यूज | पूसा
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में ”हिन्दी चेतना माह-2026” का समापन समारोह बुधवार को विद्यापति सभागार में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विकसित भारत अभियान के दृष्टिकोण को समाहित करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कार्यक्रम में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पूर्व कुलपति डॉ. धर्मेन्द्र तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूसा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेन्द्र तिवारी ने कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की पहचान है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम ज्ञान, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में हिन्दी का अधिक से अधिक उपयोग करें। कृषि जैसे विषय को जब हम हिन्दी में किसानों तक पहुंचाते हैं, तो वह अधिक प्रभावी होता है। विश्वविद्यालयों को राजभाषा के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि हिन्दी ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देश को जोड़ने का कार्य किया है और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हिन्दी को सशक्त करना जरूरी है। अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी हमारे स्वाभिमान की भाषा है। यह जन-जन की भाषा है।
उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक कार्यों, टिप्पण, प्रारूपण, पत्राचार एवं फाइलों में अधिक से अधिक हिन्दी का प्रयोग करें। इससे न केवल राजभाषा सशक्त होगी, बल्कि हमारे कार्य किसानों के और करीब पहुंचेंगे।कुलपति ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में हिन्दी के प्रति गौरव की भावना पैदा करते हैं। निदेशक शिक्षा डा उमाकांत बेहरा ने बताया कि वे गैर हिंदी भाषी होते हुए भी हिंदी के प्रयोग को लेकर हमेशा सचेत रहते हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध प्रबंध मे भी शोध सारांश हिंदी में किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पूर्व राजभाषा पदाधिकारी डॉ शंकर झा ने माह भर आयोजित निबंध, वाद-विवाद, कविता पाठ एवं टिप्पण प्रतियोगिताओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की। निदेशक शिक्षा ने राजभाषा में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
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