निमाड़ी-हिंदी के साहित्यकार जगदीश जोशीला को पद्मश्री: लेखन में राष्ट्रभाषा-मातृभाषा को बराबर का स्थान; बोले… – Dainik Bhaskar

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए घोषित पद्मश्री पुरस्कारों में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के गोगांवा निवासी जगदीश जोशीला का चयन किया गया है। 76 वर्षीय जोशीला को साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है।
जोशीला ने अपने साहित्यिक जीवन में राष्ट्रभाषा हिंदी और मातृभाषा निमाड़ी दोनों को समान महत्व दिया है। उन्होंने अब तक कुल 56 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से 28 हिंदी में और 28 निमाड़ी में प्रकाशित हुई हैं। हिंदी में उन्होंने 10 उपन्यास सहित विभिन्न विधाओं में लेखन किया है, जबकि निमाड़ी में 2 उपन्यास समेत अन्य रचनाएं की हैं।
निमाड़ी व्याकरण और शब्दकोश तैयार किया
अखिल निमाड़ लोक परिषद के संस्थापक जोशीला का अगला लक्ष्य निमाड़ी को राजभाषा का दर्जा दिलाना है। इस दिशा में उन्होंने पहले ही निमाड़ी व्याकरण और शब्दकोश तैयार कर लिया है। उनकी महत्वपूर्ण कृतियों में संत सिंगाजी पर शोध उपन्यास, अहिल्या माता पर दो खंडों में लिखा गया उपन्यास (जिसका अंग्रेजी में भी अनुवाद हुआ है), जननायक टंट्या मामा और आदिगुरु शंकराचार्य पर लिखे गए उपन्यास शामिल हैं।
इस सम्मान को जोशीला ने निमाड़ी भाषा और निमाड़ अंचल का सम्मान बताया है। उनके परिवार और ग्रामवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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