Yuvraj Singh
Date: 03-10-26 17:38
Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है और इसके साथ ही प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तारीखों की जानकारी दी. पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे, जबकि नामांकन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी. चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है और चार करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
चार चरणों में होगा पंचायत चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश की 41 जिला परिषदों और पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे. इन पदों के लिए मतदान ईवीएम के जरिए होगा. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान के चरण 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर निर्धारित किए गए हैं. सभी चरणों में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा, जबकि इन चुनावों के नतीजे 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.
सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग तारीखें
राजस्थान की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों के चुनाव भी इसी चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे. सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा. सरपंच पद के लिए मतदान और मतगणना एक ही दिन होगी. इसके लिए 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को चार चरणों में वोट डाले जाएंगे और संबंधित चरण में उसी दिन मतगणना भी की जाएगी.
8 अक्टूबर से शुरू होगा नामांकन
पंचायत चुनाव और जिला परिषद सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी. उम्मीदवार 13 अक्टूबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर तय की गई है. चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया 28 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सरकारी तबादलों पर रोक सहित आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं. चुनाव के दौरान मंत्रियों के सरकारी वाहनों, डाक बंगले और सर्किट हाउस के इस्तेमाल को लेकर भी नियम लागू रहेंगे.
2.72 लाख पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती
राजस्थान पंचायत चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं. चुनाव के दौरान करीब 2 लाख 72 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इन चुनावों के जरिए प्रदेश में करीब 1.69 लाख पंचायती राज जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा. इनमें ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला परिषद और पंचायत समिति तक के प्रतिनिधि शामिल होंगे. चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद ग्रामीण इलाकों में उम्मीदवारों और संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने लगी है.
महिलाएं चुनेंगी प्रतिनिधित्व
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होने के कारण इस बार बड़ी संख्या में महिलाएं भी चुनाव जीतकर जिम्मेदारी संभालेंगी. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 80 हजार से अधिक महिलाओं के पंचायती राज संस्थाओं में चुने जाने की संभावना है. इनमें करीब 7,200 महिला सरपंच, 7,200 महिला उपसरपंच और लगभग 65 हजार महिला वार्ड पंच शामिल होंगी. प्रदेश के कुल मतदाताओं में 51.82 प्रतिशत पुरुष और 48.18 प्रतिशत महिला मतदाता हैं.
दिसंबर में चुने जाएंगे प्रधान और जिला प्रमुख
राजस्थान में पंचायत चुनाव के बाद पंचायत समितियों में प्रधान और जिला परिषदों में जिला प्रमुख के चुनाव भी कराए जाएंगे. प्रदेश की 457 पंचायत समितियों में प्रधान और जिला परिषदों में जिला प्रमुख का चुनाव दिसंबर में होने की बात कही गई है. जयपुर जिले में सबसे ज्यादा करीब 18 लाख 99 हजार मतदाता हैं, जबकि जैसलमेर में सबसे कम करीब 4 लाख 36 हजार मतदाता हैं. चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद गांवों में राजनीतिक हलचल और चुनावी तैयारियां तेज होने की उम्मीद है. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नतीजे 20 नवंबर को सामने आने के बाद ग्रामीण सियासत की तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो जाएगी.
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