Shubham Raja
Date: 04-10-26 19:34
Yemen Houthi Conflict: यमन के राष्ट्रपति रशद मोहम्मद अल-अलीमी ने देश के उन इलाकों पर फिर से नियंत्रण हासिल करने के लिए सैन्य अभियान शुरू करने का ऐलान किया है, जो हूती विद्रोहियों के कब्जे में हैं. अल-अलीमी ने कहा कि देश इस समय अपने इतिहास के एक अहम दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि यमन ने शांति का रास्ता चुनकर बड़ी कुर्बानियां दी हैं.
राष्ट्रपति ने बताया कि सैन्य अभियान का मकसद हूतियों के कब्जे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान को बहाल करना है. उन्होंने साफ किया कि आम नागरिक इस अभियान का निशाना नहीं होंगे. अल-अलीमी ने हूती इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की कि वे हूतियों के जमावड़े वाली जगहों से दूर रहें और अपने बच्चों को लड़ाई में शामिल होने से बचाएं.
अल-अलीमी ने कहा कि सना, होदेइदा और सादा में होने वाला सैन्य अभियान वहां के लोगों या किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यमन के दोस्तों और सहयोगी देशों से भी देश के साथ खड़े होने की अपील की.
उन्होंने कहा कि यमन सऊदी अरब को अपनी साझा सुरक्षा और भविष्य के लिए एक अहम साझेदार मानता है. राष्ट्रपति ने सऊदी नेतृत्व और वहां के लोगों की मदद के लिए उनका आभार भी जताया.
باسم الله، وباسم الشعب، وبناءً على قرارات مجلس الدفاع الوطني، نعلن اليوم بدء العمليات العسكرية لاستعادة ما تبقى من أراضي الجمهورية، وبسط سلطة الدولة ومؤسساتها على كامل التراب الوطني. https://t.co/yaKsnSDpbK
हूती ने मिसाइल और ड्रोन हमले का किया दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि संगठन ने रियाद में अरामको की एक फैसिलिटी को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. हूती से जुड़े अल मसीरा चैनल के मुताबिक, सारी ने कहा कि ऑपरेशन अपने लक्ष्य तक पहुंचा और निशाना बनाई गई जगह पर आग लग गई.
हूतियों ने दावा किया कि यह हमला सना और यमन के दूसरे इलाकों में सऊदी हमलों के जवाब में किया गया. अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसियों ने भी शनिवार को रियाद के दक्षिण में अरामको की एक फैसिलिटी के पास आग और धुआं दिखाई देने की जानकारी दी. हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने तत्काल यह पुष्टि नहीं की कि वहां लगी आग हूती हमले की वजह से लगी थी.
हूतियों का कहना है कि उनके हमले का निशाना सऊदी अरब का ऊर्जा ढांचा था और हमले के बाद टारगेट वाले इलाके में आग लग गई.
सऊदी अरब ने हूतियों के दावे को किया खारिज
सऊदी अरब ने रियाद की अरामको फैसिलिटी पर हमला करने के हूतियों के दावे को खारिज कर दिया है. सऊदी अधिकारियों ने इसे गुमराह करने वाला दावा बताया. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि हूती अपने नुकसान से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के दावे कर रहे हैं.
अल-मलिकी ने कहा कि हूती तैज और दूसरे मोर्चों पर हुए नुकसान को छिपाने और अपने खिलाफ बढ़ रहे लोगों के गुस्से से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने हूतियों के दावे को मैदान में अपनी स्थिति को बेहतर दिखाने की कोशिश बताया.
इसी बीच, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकारी सेना ने तैज और तूर अल-बहाह मोर्चे पर हूतियों के खिलाफ 97 सैन्य अभियानों की जानकारी दी है.
तैज के आसपास लड़ाई तेज
यमन के रणनीतिक रूप से अहम तैज इलाके के आसपास भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं और लड़ाई तेज हुई है. यमन की सरकारी सेना का कहना है कि उसके अभियानों में सना और सादा में हूतियों के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. इससे पहले सरकारी सेना ने कई मोर्चों पर सैन्य अभियानों की बड़ी श्रृंखला चलाने की जानकारी दी थी.
तैज का इलाका हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों और यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाली सेनाओं के कब्जे वाले इलाकों के बीच बंटा हुआ है. इसी वजह से यह क्षेत्र लंबे समय से संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.
ताजा टकराव इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे के साथ-साथ लाल सागर का इलाका भी शामिल है. लाल सागर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा की आवाजाही के लिए एक अहम समुद्री रास्ता है.
सीजफायर कमजोर पड़ने और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने के बाद एक बार फिर लड़ाई तेज हुई है. इस स्थिति ने मानवीय संकट को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. प्रभावित इलाकों में लोगों के विस्थापन के साथ खाने-पीने की कमी की समस्या भी गंभीर होने की आशंका है.
ये भी पढ़ें- पाकिस्तान की उल्टी गिनती शुरू, भारत का ‘पक्का दोस्त’ तालिबान को दे रहा ट्रेनिंग, सामने आई तस्वीर
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें