मैथन। केंद्र सरकार ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) को 2030 तक पूर्वी भारत में हरित ऊर्जा के विकास की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इसी उद्देश्य को लेकर डीवीसी ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरएफसी) के साथ चार हजार दो सौ करोड़ रुपए के टर्म लोन समझौते को अंतिम रूप दिया है। समझौता नई दिल्ली में आईआरएफसी के सीएमडी मनोज कुमार दुबे एवं डीवीसी के सदस्य वित्त मनीष कुमार के बीच हुआ है। मौके पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीवीसी के साथ हुआ यह समझौता रेलवे से जुड़ी ऊर्जा व्यवस्था में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस वित्तीय सहयोग से डीवीसी को झारखंड और पश्चिम बंगाल में विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित परियोजनाओं में फ्लोटिंग सोलर, ग्राउंड-माउंटेड सोलर, रूफटॉप सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल हैं।
डीवीसी पहले से ही हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें से कुछ परियोजनाओं के एक-दो केंद्रों पर सौर ऊर्जा का उत्पादन भी शुरू हो चुका है। हालांकि, डीवीसी का लक्ष्य काफी बड़ा है और आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने की तैयारी है। डीवीसी इन परियोजनाओं के विकास में अपनी मौजूदा जमीन, जलाशयों और ट्रांसमिशन नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं लगाकर पानी की सतह का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाएगा। वहीं, जमीन पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांट और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं से सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के तहत उत्पादन होने वाली बिजली को सुरक्षित रखने और जरूरत के समय उसका बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। इससे बिजली की उपलब्धता और प्रबंधन को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डीवीसी लंबे समय से कोयला आधारित बिजली उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। अब बदलते ऊर्जा परिदृश्य के बीच निगम अपनी ऊर्जा रणनीति में बदलाव पर भी तवज्जो दे रहा है।
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play