यमन में संघर्ष में तेज: सरकारी बलों ने अहम इलाक़े पर नियंत्रण का किया एलान – BBC

आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दे सकते हैं.
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
वीडियो का अंत
रौनक भैड़ा
इमेज स्रोत, ANI
आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दे सकते हैं.
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पेलटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरे सोर्स कहते हैं कि ज्ञानेश कुमार 10 अक्तूबर से पहले इस्तीफ़ा दे सकते हैं."
हालांकि, सौरभ भारद्वाज ने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है.
वहीं, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग की भूमिका पर उठते हुए सवालों के बीच संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, यह शांतिपूर्ण मार्च सुबह 11 बजे शुरू होना है.
हालांकि, इस मार्च में आम आदमी पार्टी और डीएमके भाग नहीं ले रहे हैं.
इमेज स्रोत, Houthi Media Center via Getty Image
सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों ने ताइज़ प्रांत में बढ़त बनाने का दावा करते हुए मोचा शहर पर अपना कंट्रोल होने की घोषणा की.
सुरक्षा बलों के मुताबिक़, बाब अल-मंदब स्ट्रेट के पास भी कई अहम ठिकानों पर क़ब्ज़ा कर लिया गया है.
इस बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाकर नए हमले करने का दावा किया है.
बीबीसी न्यूज़ अरबी के अनुसार, यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले तेज़ कर रहा है.
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हाल ही में ‘यमन डॉन’ नाम से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है. इस अभियान का मक़सद सरकारी संस्थानों को फिर से स्थापित करना, हूतियों के हाल में क़ब्ज़े में लिए गए इलाक़ों को वापस लेना और हूती विद्रोह को समाप्त करना है.
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी इस सैन्य अभियान में शामिल होने की घोषणा की है. गठबंधन ने सोमवार को हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए. गठबंधन के प्रवक्ता के अनुसार, इन हमलों में क़रीब 100 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और हूतियों के 324 ठिकानों को निशाना बनाया गया.
ताइज़ प्रांत और उसके आसपास जारी संघर्ष में पिछले 24 घंटों के दौरान 70 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर है. संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों के स्रोतों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है.
इमेज स्रोत, ANI Video Grab
देश के तीन राज्यों में आज पांच विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हो रहा है.
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेज़ीनगर, तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरंतकम और पुदुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. इसके साथ ही असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी मतदान हो रहा है.
वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू हुई थी, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगी. सभी सीटों के चुनावी नतीजे 9 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे.
पश्चिम बंगाल पर सबकी नज़रें
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेज़ीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं.
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए राज्य चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद इनमें से एक सीट छोड़ने का फ़ैसला किया था.
वहीं, रेजीनगर विधानसभा सीट पर बीजेपी, कांग्रेस, एजेयूपी और तृणमूल कांग्रेस के दो गुट चुनाव मैदान में हैं. इस सीट से एजेयूपी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने इस सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था.
इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद मंगलवार सुबह 11 बजे से पार्लियामेंट हाउस से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे.
चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच स्पेशल इंटेन्सिव रिवीज़न (एसआईआर) के विरोध में विपक्ष यह मार्च निकालेगा.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दलों को साढ़े 10 बजे मकर द्वार पहुंचने का टाइम दिया है.
जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि यह एक शांतिपूर्ण मार्च है, जिसमें सभी विपक्षी दलों के सांसद शामिल होंगे.
इससे पहले, सोमवार को कांग्रेस के स्टूडेंट संगठन एनएसयूआई ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने उन पर और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया.
इमेज स्रोत, Aaron Schwartz/Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ब्रिटेन स्थित आरएएफ़ फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर को कुछ ख़तरों के चलते हटाया गया.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने रविवार को ही पुष्टि की थी कि ब्रिटेन के एयरबेस पर तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों को वापस अपने ठिकानों पर भेज दिया गया है. माना जा रहा है कि इनमें क़रीब एक दर्जन बी-1 बॉम्बर शामिल थे.
सोमवार को नेब्रास्का रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को एयरबेस को लेकर एक ख़तरे की जानकारी मिली थी. इसी के बाद वहां तैनात बॉम्बर को हटाने का फ़ैसला लिया गया.
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या किसी ख़ास ख़तरे के चलते विमानों को फ़ेयरफ़र्ड से हटाया गया, तो उन्होंने कहा, “हां, मुझे लगता है कि हम ऐसा कह सकते हैं. वे वहां से यूं ही नहीं उड़े थे.”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "कुछ धमकियां थीं. और दुश्मन को उकसाने के बजाय, हम दुश्मन को पकड़ेंगे और उसे हराएंगे."
ट्रंप के मुताबिक़, बॉम्बर को बहुत दूर नहीं ले जाया गया है और उन्हें दूसरी जगह शिफ़्ट किया गया है.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका को उस ख़तरे के पीछे मौजूद लोगों के बारे में जानकारी है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके पीछे कौन लोग हैं.
दरअसल, 27 सितंबर को एयरबेस के आसपास तीन संदिग्ध वाहनों की सूचना मिलने के बाद पुलिस को अलर्ट किया गया था. इस घटना ने एयरबेस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी.
हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस को सुरक्षित बताया था.
इमेज स्रोत, Getty Images
महिला पत्रकार पर यौन हमले के आरोपों के बाद चर्चा में आए एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी के पद का चार्ज दिया गया है.
हालांकि, दिल्ली सरकार का कहना है कि भगत ने फ़िलहाल यह चार्ज लेने से इनकार कर दिया है.
दिल्ली सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा, "विवेक भगत ने अनुरोध किया है कि महिला पत्रकारों के कथित यौन हमले के मामले में पूरी जांच होने तक वह मौजूदा ड्यूटी चार्ज नहीं लेना चाहते."
सरकार के मुताबिक़, केंद्र शासित प्रदेशों के 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का ड्यूटी चार्ज देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को ही शुरू हो गई थी. यानी प्रक्रिया मौजूदा विवाद से पहले शुरू हुई थी. 5 अक्तूबर को मंज़ूरी मिलने के बाद इससे संबंधित आदेश जारी किया गया.
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एडिशनल डीसीपी का ड्यूटी चार्ज एक अस्थायी व्यवस्था है और इसे नियमित पदोन्नति नहीं माना जाएगा. सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत अधिकारियों को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी नहीं मिलेगा.
दरअसल, 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था. प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन हमले के आरोप लगाए थे.
इनमें से एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि एसीपी विवेक भगत ने उनके सीने पर हाथ मारा था. मामले को लेकर जांच की जा रही है.
नमस्कार!
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.
कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
– फ़्लाईदुबई के को-पायलट ने विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट या किसी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी: रिपोर्ट्स
– फ़ॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद फिर घिरे ज्ञानेश कुमार, विपक्ष ने पूछा- किसके आदेश पर हुआ बदलाव
– नेहा बोरा: बीजेपी समर्थक परिवार की लड़की जो बन गई युवा और वामपंथी आंदोलन का चेहरा
– इलेक्ट्रिक कारों में बैठते ही कुछ लोगों की तबीयत क्यों बिगड़ने लगती है
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News