Noida News: नोएडा, संवाददाता। साइबर अपराधियों ने पांच लोगों से अलग-अलग तरीके अपनाकर करीब 34 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने पीड़ितों से शेयर बाजार में निवेश, क्रेडिट कार्ड और पेंशन कार्ड बनवाने के बहाने एपीके फाइल डाउनलोड कराने के जाल में पीड़ितों को फंसाया। रकम वापस न होने पीड़ितों ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। सेक्टर-27 में रहने वाले देवदत्त ने पुलिस को बताया कि उनसे टेलीग्राम पर टास्क पूरे कराए और फिर निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई। पांच फरवरी तक छह लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। रकम वापस मांगने पर ठगी का अहसास हुआ। वहीं, नोएडा सेक्टर-20 के रहने वाले सोनू जैन ने पुलिस को बताया कि उन्हें 29 सितंबर 2024 को व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़ा गया। 20 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का दावा कर छह लाख रुपये ऐंठ लिए गए। रकम वापस नहीं मिलने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। वहीं, नोएडा के सेक्टर-121 निवासी सौरभ ने पुलिस को बताया कि वह बैंककर्मी हैं। एक मार्च को ठग ने शेयर बाजार एक्सपर्ट बनकर उनसे संपर्क किया। शुरुआत में ठग ने टास्क पूरे करवाए और उसके एवज में रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर विश्वास दिलाया। उसके बाद निवेश कर दोगुना मुनाफा कमाने का दावा किया। सौरभ का ऐप पर पंजीकरण कराकर रकम ट्रांसफर कराई। ठगों ने 12 मार्च तक आठ लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रुपये की जरूरत पड़ने पर सौरभ ने रकम को निकालना चाहा तो ठगों ने कर के रूप में और रकम जमा कराने को बोला। रकम नहीं देने पर खाता फ्रीज होने की चेतावनी दी। रकम नहीं देने पर ठगों ने बात करनी बंद कर दी।
सेक्टर-50 में रहने वाली धृतिमान ने पुलिस को बताया कि वह रेलवेकर्मी हैं। दो नवंबर 2025 को बैंककर्मी बनकर साइबर अपराधी ने उनसे संपर्क किया। क्रेडिट कार्ड बनवाने के बहाने जाल में फंसाया। उनके मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड कराई। मोबाइल हैक कर बैंक खाते से आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। सेक्टर-77 में रहने वाले प्रेमप्रकाश ने पुलिस को बताया कि वह एनटीपीसी से सेवानिवृत्त हैं। पांच जून को सोशल मीडिया के जरिये ठगों के संपर्क में आए। ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने के बहाने मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड करा ली। उनके बैंक खाते से छह लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
———
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play