इंडिया गठबंधन एक बार फिर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है. विपक्ष के तमाम नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे हैं. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया. वे मार्च कर रहे हैं.
कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं खरगे और गांधी ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था. विपक्षी नेता उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते हैं. सीजेआई के मुलाकात से इनकार के बाद भी विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे.
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘चलो दिल्ली-लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया है. पार्टी के अनुसार, प्रदर्शनकारी दोपहर डेढ़ बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड चौराहे पर जुटेंगे.
इस मार्च में खरगे, राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल नेता ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और युवाओं के शामिल होने की संभावना है.
राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि विपक्षी दलों, नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि और युवा सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे और वोट चोरी पर रोक लगाने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रोकने की मांग करेंगे.
अहम बात यह भी है कि दिल्ली में इंडिया गठबंधन के मार्च को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. सुप्रीम कोर्ट और उसके आसपास के इलाके में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है. ऐहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशन भी बंद किए गए हैं. इसमें राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और बारहखंभा रोड शामिल हैं. इससे पहले रविवार और शनिवार को सीजेपी ने प्रदर्शन किया था.
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, ‘बीजेपी की सरकार जितना जुल्म करेगी, उतना ज्यादा हुजूम राहुल गांधी और विपक्ष के साथ खड़ा नजर आएगा. जिस तरीके से पिछले 5 दिन उन्होंने हमें जंतर-मंतर जाने से रोका, चुनाव आयोग जाने से रोका, राजघाट जाने से रोका और विपक्ष के नेताओं के साथ जिस तरीके से व्यवहार किया गया, उनको गिरफ्तार करने का काम किया. मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक ये आंदोलन इसी प्रकार से चलता रहेगा.’
सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा, ‘अगर BJP सत्ता में बनी रही तो वे लोकतंत्र को खत्म कर देंगे. देश के सामने असली संकट BJP ही है. बीजेपी खुद चुनाव आयोग के जरिए वोट चुरा रही है. एक बार जब चुनाव आयोग को हटा दिया जाएगा और चीजें निष्पक्ष हो जाएंगी तो BJP कभी सत्ता में नहीं आ पाएगी और कौन जाने ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की प्रक्रिया में हो सकता है कि वे अपने साथ-साथ BJP को भी डुबो दें.’
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