Yuvraj Singh
Date: 12-10-26 19:35
Gold-Silver Price: सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सोमवार को कीमतों में गिरावट देखने को मिली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने का भाव 1,400 रुपये टूटकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं, चांदी की कीमत में भी 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी दर्ज की गई. ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना शुक्रवार को 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी का पिछला बंद भाव 2,28,500 रुपये प्रति किलोग्राम था. रुपये में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों ने घरेलू कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाया.
क्यों गिर गए सोने और चांदी के दाम?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, वैश्विक बाजार में कमजोरी और भारतीय रुपये में मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में नरमी आई. भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 के स्तर पर बंद हुआ. छह महीने से अधिक समय में यह रुपये की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त बताई गई. दूसरी ओर, ऊंची कीमतों के कारण घरेलू बाजार में सोने की खरीदारी सीमित रही. हालांकि, छुट्टियों के बाद चीन में मांग सुधरने की उम्मीद जताई गई, जिससे बाजार की आगे की दिशा पर नजर बनी हुई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर दबाव
विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. स्पॉट गोल्ड 17.36 डॉलर यानी 0.41 प्रतिशत फिसलकर 4,176.88 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी मामूली गिरावट के साथ 60.66 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमॉन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, सोना करीब 4,179 डॉलर प्रति औंस के आसपास कमजोर बना हुआ था. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का 18 महीने के उच्च स्तर के करीब रहना भी सोने की कीमतों में तेजी की राह सीमित कर रहा था. ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों के संकेतों का असर कीमतों पर देखने को मिला.
आगे सोने-चांदी के भाव किस दिशा में जाएंगे?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की निकट अवधि की संभावनाएं अब भी मजबूत बनी हुई हैं, जबकि चांदी की चाल को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. रूस से ऊर्जा आपूर्ति बढ़ने की उम्मीदों ने कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बनाया, हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिमों के कारण उतार-चढ़ाव जारी है. निवेश मंच जियोटस के सीईओ विक्रम सुब्बुराज के अनुसार, निवेशक सोने-चांदी की अगली चाल समझने के लिए अमेरिकी डॉलर, यूएस बॉन्ड यील्ड, रुपये की स्थिति और आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे. इसलिए कीमतों में एक दिन की गिरावट को लंबे समय के रुझान का संकेत मानने से पहले बाजार के अगले संकेतों का इंतजार करना जरूरी है.
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