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भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर अमेरिकी सांसद ने प्रतिक्रिया दी है और कथित तौर पर 13 करोड़ लोगों का नाम हटाए जाने पर चिंता जाहिर की है. इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश की आंतरिक राजनीति और चुनावी प्रक्रिया में दखल अस्वीकार्य है. अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य प्रमिला जयपाल ने SIR पर चिंता जताई थी.
SIR पर क्या बोलीं प्रमिला जयपाल?
वॉशिंगटन राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल ने बुधवार को भारत में वोटर लिस्ट से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी. उन्होंने इसे मतदाताओं के नामों की ‘सफाई’ या बड़े पैमाने पर नाम हटाने की कार्रवाई बताते हुए सवाल उठाए.
जयपाल ने भारत की स्थिति की तुलना अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की उन कार्रवाइयों से की, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे लोकतंत्र में मतदान के अधिकार को कमजोर करती हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोकतंत्रों की रक्षा करना जरूरी है और भारतीयों को भी अमेरिकियों की तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव मिलने चाहिए.
प्रमिल जयपाल डेमोक्रेटिक सांसद है, जबकि ट्रंप रिपब्लिकन हैं.
प्रमिला जयपाल ने भारत में कथित लोकतंत्र-विरोधी प्रयासों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों का समर्थन भी किया. जयपाल के मुताबिक ऐसे समय में अहिंसक प्रतिरोध आंदोलन महत्वपूर्ण हैं.
भारत ने दिया दो टूक जवाब
प्रमिला जयपाल की टिप्पणी पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया. उन्होंने कहा किभारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर जयपाल की टिप्पणियां देश के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप हैं. उन्होंने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां स्वतंत्र और मजबूत संवैधानिक संस्थाएं हैं तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का लंबा इतिहास रहा है.
The remarks by @RepJayapal on India’s electoral and political processes are unacceptable interference in India’s internal affairs. India is a vibrant democracy, with robust, independent constitutional institutions and a longstanding record of free and fair elections. Always open to constructive conversation with the Congresswoman to dispel her misconceptions.
क्वात्रा ने यह भी कहा कि वे प्रमिला जयपाल के साथ रचनात्मक बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, ताकि उनकी गलतफहमियों को दूर किया जा सके.
SIR में कितने नाम हटाए गए?
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, SIR के पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 7.2 करोड़ नाम हटाए गए. तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की मसौदा सूचियों में हटाए गए नामों की संख्या 6.16 करोड़ बताई गई है.
निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत मतदाताओं, डबल एंट्री, दूसरी जगह जा चुके लोगों और अन्य अपात्र एंट्री की पहचान कर मतदाता सूची को अपडेट करना है.
आयोग के अनुसार, यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से छूट गया है, तो वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने की मांग कर सकता है. इसके बाद जरूरत पड़ने पर फॉर्म-6 के जरिए भी नाम जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है.
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