Shreeom Singh
Date: 17-10-26 14:58
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन की सेना के स्टारलिंक एक्सेस में आई दिक्कतों के लिए खुद को और एलन मस्क को जिम्मेदार मानने से इनकार किया है. उनका कहना है कि यूक्रेन की स्टारलिंक सेवाओं पर अमेरिका की ओर से कोई रोक नहीं लगाई गई है. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि इस सेवा में आई रुकावट का असर रूसी सेना के खिलाफ चल रहे अभियानों पर पड़ रहा है.
जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि अगर स्टारलिंक का एक्सेस बहाल नहीं हुआ, तो रूस के हमलों में यूक्रेन के कई लोगों की जान जा सकती है. सेवाओं में आई बाधा के कारण यूक्रेनी सेना का अपने मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ और इंटरनेट की गति भी धीमी हो गई. इससे पहले रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि व्हाइट हाउस ने स्टारशील्ड सेवाओं में कटौती को मंजूरी दी थी.
हालांकि, जॉर्जिया के दौरे पर रवाना होने से पहले ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही एलन मस्क यूक्रेन के स्टारलिंक एक्सेस में आई परेशानी के लिए जिम्मेदार हैं. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने स्टारशील्ड सिस्टम तक यूक्रेन की पहुंच पर कोई रोक नहीं लगाई है.
स्टारलिंक पर क्यों निर्भर है यूक्रेन की सेना?
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. यूक्रेनी सेना ड्रोन के जरिए दुश्मन के सैनिकों, वाहनों, हथियारों के ठिकानों, मुख्यालयों, पुलों और बिजली संयंत्रों पर नजर रखती है. इन अभियानों में संचार व्यवस्था की अहम भूमिका है.
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क यूक्रेन की सेना को इंटरनेट और संचार की सुविधा देता है. युद्ध के दौरान सेना अपने ठिकानों और मुख्यालय के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए इस तकनीक पर काफी निर्भर रही है.
यूक्रेन की सेना भी स्टारलिंक के महत्व को स्वीकार कर चुकी है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में यूक्रेन के एक प्लाटून कमांडर ने कहा था कि स्टारलिंक के बिना यूक्रेन अब तक युद्ध हार चुका होता. हालांकि, हाल में इस सेवा से जुड़ी पाबंदियों ने यूक्रेनी सेना की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
स्टारलिंक की गति सीमा से ड्रोन अभियान प्रभावित
रिपोर्ट के मुताबिक, 13 और 14 अक्टूबर की रात स्पेसएक्स ने बिना पहले से सूचना दिए स्टारलिंक की कुछ सेवाओं पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा लागू कर दी. इससे तेज गति से उड़ने वाले यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइलों के संचार संपर्क पर असर पड़ा. स्टारशील्ड टर्मिनल का इस्तेमाल करने वाले ड्रोन इससे खास तौर पर प्रभावित हुए.
इसका असर यूक्रेन की सातवीं रैपिड रिएक्शन कोर के अभियानों पर भी पड़ा और उसे कुछ ऑपरेशन रद्द करने पड़े. तेज गति से उड़ने वाले ड्रोन के लिए संचार बनाए रखना जरूरी होता है. ऐसे में इस सीमा के कारण युद्धक्षेत्र में उनकी क्षमता प्रभावित होने की बात कही जा रही है.
सर्दियों में यूक्रेन की बढ़ सकती है मुश्किल
स्टारलिंक सेवाओं में आई रुकावट से यूक्रेन के लिए रूसी ड्रोन हमलों का मुकाबला करना भी मुश्किल हो सकता है. यूक्रेन को अपने शहरों और जरूरी बुनियादी ढांचे को हवाई हमलों से बचाने के लिए ड्रोन रोधी व्यवस्था की जरूरत है.
रूस पहले से ही यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है. सर्दियों में बिजली और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले बढ़ने की आशंका है. ऐसे समय में संचार व्यवस्था कमजोर पड़ने से यूक्रेन की सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं. अगर स्टारलिंक से जुड़ी पाबंदियां जारी रहती हैं, तो यूक्रेनी सेना के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.
ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की बात कही
डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को पद से हटाने की मांग भी की है. इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तत्काल युद्धविराम लागू हो गया है. इसके तहत रूस और यूक्रेन को एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने होंगे.
हालांकि, यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जाने वाले हमलों में स्टारलिंक का इस्तेमाल नहीं किया गया है. रूस में स्टारलिंक सेवा उपलब्ध नहीं है और यूक्रेन के लंबी दूरी के हमले दूसरी संचार प्रणालियों पर निर्भर हैं. इसलिए स्टारलिंक पर लगी पाबंदियों का यूक्रेन की रणनीतिक बमबारी पर सीधे तौर पर तकनीकी असर नहीं पड़ता.
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