Lakhisarai News: लखीसराय, एक प्रतिनिधि। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, लखीसराय के तत्वावधान में रविवार को प्रभात चौक स्थित एक निजी होटल के सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्ष अरविंद कुमार भारती की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी का संचालन सम्मेलन के उपाध्यक्ष देवेंद्र आजाद ने किया। इस दौरान कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देश, समाज की समस्याओं, राजनीतिक परिस्थितियों, सामाजिक कुरीतियों और मानवीय संवेदनाओं को सामने रखा। गोष्ठी में सम्मेलन के सचिव जीवन पासवान ने अपनी रचना के माध्यम से संघर्षपूर्ण जीवन का चित्रण करते हुए कहा, “मुश्किल राहों से जिंदगी को गुजरना पड़ता है, गिर-गिर कर बार-बार संभालना पड़ता है।” कार्यकारी अध्यक्ष मुद्रिका सिंह ने अपनी रचना में समसामयिक राजनीतिक परिस्थितियों को स्वर दिया। वहीं, लोशघानी के कवि उमाकांत सिंह ने कहा, “यह जीवन भी क्या जीवन है, जिसमें पीड़ा ही पीड़ा है। कवि राजकुमार ने ‘सपना हुआ साकार’ रचना प्रस्तुत की, जबकि शिवदानी सिंह बच्चन ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की समस्या को अपनी कविता का विषय बनाया। रोहित कुमार ने सामाजिक कुरीतियों के जन्म और दुष्ट प्रवृत्तियों के बढ़ते मनोबल पर प्रहार किया। पत्रिका ‘नवलकंठ’ के संपादक राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने अपनी रचना के माध्यम से राजनीतिक अन्याय और वोट चोरी के मुद्दे को उठाया। संयुक्त सचिव बलजीत कुमार ने कहा कि भक्ति के साथ अच्छे कर्म भी जरूरी हैं, क्योंकि केवल भक्ति से किसी के चरित्र का आकलन नहीं किया जा सकता। देवेंद्र आजाद ने जनआस्था और निष्काम भाव से कर्तव्य निभाने का संदेश दिया। वहीं, अध्यक्ष अरविंद कुमार भारती ने मां की ममता और प्रेम की महत्ता को अपनी रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया।
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लखीसराय में होगा महाकवि सम्मेलन:
कवि गोष्ठी के समापन पर आयोजित बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राज्य हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में मुंगेर प्रमंडल के सभी जिलों के कवियों एवं साहित्यकारों का महाकवि सम्मेलन लखीसराय में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रस्तुत रचनाओं में से सर्वश्रेष्ठ रचनाओं का चयन कर राज्य स्तरीय पत्रिका में प्रकाशित करने की योजना है। इस अवसर पर ‘नवलकंठ’ के संपादक राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने नववर्ष के अवसर पर पत्रिका के प्रकाशन के लिए सभी कवियों एवं साहित्यकारों से अपनी रचनाएं समय पर उपलब्ध कराने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन की कार्यकारी अध्यक्ष मुद्रिका सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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