Bagpat News: जिले में गुरुवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार तक जारी रही। पूरी रात हुई बारिश और तेज हवा के चलते जनजीवन के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बारिश से धान और आलू की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई, जबकि खड़ी फसल तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई। वहीं, आलू की फसल वाले खेतों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई है। गन्ने, ज्वार और चारे की फसल भी तेज हवा से धराशायी हो गई। दूसरी ओर सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव होने से आवागमन प्रभावित रहा। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना गांव के पास जलभराव में 30 से अधिक वाहन फंसकर खराब हो गए। कई अंडरपास पानी से लबालब होने के कारण ग्रामीणों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
गुरुवार सुबह करीब नौ बजे अचानक आसमान में घने बादल छा गए थे। देखते ही देखते दिन में अंधेरा छा गया था। शाम को तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई थी। कुछ ही देर में सड़कों पर पानी भरने लगा। इसके बाद बारिश का सिलसिला पूरी रात जारी रहा। शुक्रवार सुबह भी कई स्थानों पर बारिश और जलभराव का असर दिखाई दिया। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार की रात जिले में 47 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। लगातार बारिश से शहर से लेकर देहात तक जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों को जरूरी कामों के लिए घरों से निकलने में भी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, शुक्रवार की सुबह से दोपहर तक बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त बना रहा।
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किसानों की फसलें बर्बाद, आलू और धान बर्बाद
तेज हवा के साथ पूरी रात हुई बारिश का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी और कटी पड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के कारण कई स्थानों पर धान की फसल जमीन पर बिछ गई, जबकि कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल बारिश में भीग गई। वहीं, आलू की फसल वाले खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव होने से आलू की फसल प्रभावित हुई है। किसानों की चिंता है कि खेतों में अधिक समय तक पानी जमा रहने से फसल खराब हो सकती है। बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसील क्षेत्र के जंगलों में गन्ने, ज्वार और चारे की फसल भी तेज हवा से धराशायी हो गई। किसानों का कहना है कि जमीन पर गिरी धान और ज्वार की फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, गन्ने की फसल गिरने से उसे दोबारा खड़ा करने और बांधने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। खेतों में पानी भरने के कारण किसानों को फसलों की देखभाल करने में भी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर खेतों में जाने के रास्ते भी कीचड़ से भर गए हैं।
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हाईवे पर जलभराव में फंसे 30 से अधिक वाहन
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर पाठशाला बस स्टैंड, मवीकलां, काठा, सिसाना और गौरीपुर समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया। सिसाना गांव के पास हाईवे पर गुरुवार की रात पानी भरने से 30 से अधिक वाहन फंस गए। पानी में फंसने के कारण कई वाहनों में खराबी आ गई। वाहन चालकों ने दूसरे वाहनों की मदद से अपने वाहनों को जलभराव से बाहर निकलवाया। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा। बागपत शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भी जलभराव होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हुई। कई दुकानों के सामने पानी जमा हो गया, जिससे ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया।
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अंडरपास पानी से लबालब, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
बारिश के कारण बड़का, बिनौली रोड, खेकड़ा, बसी, फखरपुर, गोठरा, सूजरा, टटीरी और सूरजपुर महनवा समेत रेलवे के कई अंडरपास पानी से लबालब हो गए। पानी भरने से कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। अंडरपास से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा। कुछ वाहन चालकों ने पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना निकलने का प्रयास किया, लेकिन उनके वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। आसपास के गांवों के लोगों को शहर और मुख्य मार्गों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। इससे नौकरीपेशा लोगों, ग्रामीणों और अन्य यात्रियों को परेशानी हुई। अंडरपासों में पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई स्थानों पर पानी अधिक होने के कारण लोगों ने रास्ता पार करना उचित नहीं समझा। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान अंडरपासों में जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है। इसके बावजूद पानी की निकासी के स्थायी इंतजाम नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने संबंधित विभागों से अंडरपासों में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, जिससे बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो।
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बारिश से गन्ना क्रशरों का संचालन ठप
लगातार बारिश और तेज हवा के चलते जिले में गन्ना क्रशरों का संचालन प्रभावित हो गया है। खेतों में जलभराव होने और गन्ने की फसल गिरने से क्रशरों तक गन्ना पहुंचाने में परेशानी हो रही है। इसके चलते कई स्थानों पर क्रशरों पर पेराई का काम बंद करना पड़ा है। बारिश के कारण किसान खेतों में गन्ने की छिलाई और उसकी ढुलाई भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जबकि तेज हवा के कारण गन्ने की फसल भी जमीन पर गिर गई है। ऐसे में गन्ने को खेतों से निकालकर क्रशरों तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।
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