Bhagalpur News:
चानन, निज संवाददाता। रेउटा काली मंदिर की महिमा काफी निराली है। यहां सच्चे मन से जो भी मांगा गया, मां ने उनकी मुरादें पूरी की है। 1955 में तत्कालीन मुखिया रेउटा निवासी राम किशुन महतो की अगुवाई में पहली बार तिरपाल चढ़ा कर प्रतिमा स्थापित की गई। मां की पहली प्रतिमा लखीसराय के फूलो पंडित द्वारा बनाया गया । पहली बार प्रतिमा स्थापित करने के बाद रेउटा के अलावा मननपुर, चुरामन बीघा एवं गोपालपुर के लोगों द्वारा चंदा कर छोटा मंदिर बनाया गया। पांच दशक तक उसी मंदिर में मां की प्रतिमा स्थापित की जाती थी। मंदिर को नया लूक 2010 में दिया गया। इस बार रेउटा द्वारा मां की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मूर्तिकार गोपालपुर निवासी सियाराम पंडित द्वारा मां की प्रतिमा बनाई जा रही है। मुखिया प्रतिनिधि शशि भूषण राय, उपमुखिया मुरारी महतो, चन्द्रशेखर मंडल, रामभरोस मंडल, रविन्द्र शर्मा ,नीरज कुमार सिंह उर्फ पमपम सिंह, पूजा कमिटी के अध्यक्ष श्यामदेव चौरसिया आदि ने बताया कि 40 फीट लंबा 30 फीट चौड़ा वर्ग क्षेत्र में बने मंदिर को इस बार आकर्षक लूक दिया जा रहा है। मंदिर को पूरी तरह रंग रोगन किया जायेगा।
07 नवंबर से पूजा की होगी शुरूआत
रेउटा काली मंदिर में स्थापित मां काली प्रतिमा का अनावरण इस बार 07 नवंबर की रात में होना है। मां का पट खुलते ही तीन दिवसीय काली मेला शुरू हो जायेगा। मेला में मनोरंजन के लिए तारा मांची, ब्रेक डांस, झूला, मीना बाजार आदि लगाया जायेगा। जिसकी भी तैयारी की जा रही है। भक्ति जागरण को लेकर जिला प्रशासन से अनुमिति मिलने के बाद तीन रातों तक भक्ति जागरण हो पायेगा। रेउटा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष श्यामदेव चौरसिया, उपसचिव नीरज कुमार सिंह उर्फ पमपम सिंह ने कहा कि बदलते वक्त में मेला को आकर्षक बनाने के लिए तारामांची, मौत कुंआ, झूला आदि लगाया जायेगा। इस बार 07 नवंबर से मेला शुरू है। मेला में किसी प्रकार की अप्रिय वारदात न हो इसके लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग हमेशा मिलता रहा है। इस बार भी थानाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार का सहयोग मिलेगा। मेला में हुड़दंगी रोकने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा।
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