देश के सुपर माइंड्स विदेशों को नहीं, भारत को दें अपनी प्रतिभा का लाभ : डॉ. सप्रे – Dainik Bhaskar

भास्कर संवाददाता | विदिशा
देश के इंजीनियर्स और वैज्ञानिकों की प्रतिभा का लाभ भारत और भारतीय समाज को मिलना चाहिए। बड़े पैकेज के आकर्षण में देश के प्रतिभाशाली युवा विदेशों की तकनीकी ताकत न बनें, बल्कि अपने ज्ञान और अनुसंधान से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें। यह बात एमएएनआईटी (MANIT) भोपाल के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे ने कही। वे सोमवार को सम्राट अशोक अभियांत्रिकी संस्थान (एसएटीआई) में दो दिवसीय ‘टेक्नोविजन 2026-27’ के शुभारंभ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
डॉ. सप्रे ने पोखरण-2 परमाणु परीक्षण के बाद भारत के सामने आई तकनीकी चुनौतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1998 में परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका ने सुपर कंप्यूटर की तकनीक देने का समझौता तोड़ दिया था। वहीं रूस ने भी सैटेलाइट लॉन्चिंग में उपयोग होने वाली क्रायोजेनिक इंजन तकनीक देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद भारतीय इंजीनियर्स और वैज्ञानिकों ने स्वदेशी सुपर कंप्यूटर और क्रायोजेनिक तकनीक विकसित कर देश को आत्मनिर्भर बनाया। यह साबित करता है कि भारतीय प्रतिभा किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी मानकों की जानकारी देते हुए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के मानकीकरण, प्रमाणीकरण और हॉलमार्किंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
एसएटीआई (SATI) के निदेशक डॉ. वाई.के. जैन ने विद्यार्थियों से सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रिसर्च और नवाचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दीपावली नजदीक होने के बावजूद पिछले साल से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी उत्साहजनक है। डीन एकेडमिक डॉ. आलोक जैन ने कहा कि टेक्नोविजन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी और तकनीकी कौशल को निखारने का मंच है। आयोजन सचिव डॉ. डी.के. शाक्य ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इससे पूर्व, शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
संस्था के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. आशीष मानोरिया ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी नवाचार, अनुसंधान, रचनात्मकता और भारतीय मानकों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। आयोजन सचिव डॉ. डी.के. शाक्य के अनुसार, इस दो दिवसीय तकनीकी उत्सव में करीब 750 विद्यार्थी सहभागिता कर रहे हैं। आठ अलग-अलग इवेंट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, जिनमें पेपर प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, मॉडल हार्डवेयर, कोडिंग, स्टार्टअप, रोबो रम्बल और रोबो वॉक जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इस अवसर पर डॉ. कनक सक्सेना, डॉ. आशुतोष दातार, डॉ. राजीव जैन, प्रो. सी.एस. शर्मा, डॉ. प्रणीता जैन सहित अन्य प्राध्यापक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
Copyright © 2025-26 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News