Ara News:
रिश्तों का कत्ल : संपत्ति और पैसे के मामूली विवाद में टूट रहा रिश्तों का ताना-बाना कहीं अपनों को मार दी जा रही गोली, तो कहीं लाठी-डंडों से कर दी जा रही हत्या दो सौ रुपए के लिए पति ने पत्नी, तो अनुकंपा पर नौकरी के लिए बेटे ने पिता को मार डाला दो कट्ठा जमीन के लिए में भतीजे ने चाचा, तो बेटे ने पिता की कर दी हत्या निष्पक्ष और समय पर विवाद का निष्पादन नहीं होने के कारण हो रहीं घटनाएं प्रियरंजन मिश्रा आरा। भोजपुर में जमीन के टुकड़े और मामूली पैसे की खातिर अपने ही दुश्मन बनते जा रहे हैं। कहीं महज दो कट्ठा जमीन, तो कहीं दो सौ रुपए के लिए रिश्तों का खून कर दिया जा रहा है। कोई चाचा को गोली मार दे रहा है, तो कोई पिता की गर्दन काट दे रहा है। हाल के कुछ सालों में इस तरह की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। नवंबर माह की शुरुआत में ही जगदीशपुर के तेंदुनी में मां-बेटे की हत्या जमीन और संपत्ति विवाद के लिए कर दी गई है। इसमें बड़ा बेटा और बहू ही संदेह के घेरे में है। रिश्तेदारों से मिल उक्त दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने को ले पुलिस दोनों को हिरासत में ले पूछताछ कर रही है। वहीं बीते अक्तूबर माह में भी जमीन और पैसे के विवाद में तीन लोगों की हत्या कर दी गयी। दो का अपनों ने ही खून बहाया है। एक केस में चाचा और चचेरे भाई, जबकि दूसरे में जेठ ने अपनी भावज की गोली मार हत्या कर दी। तीसरे केस में एक प्रॉपर्टी डीलर को साला और साढ़ू के इशारे पर गोली मार दी गयी थी। हालांकि उसमें प्रॉपर्टी डीलर की जान बच गयी थी। जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रूपबांध गांव में गुरुवार को भतीजे ने बुजुर्ग चाचा की लाठी-डंडों से पीट कर बेरहमी से हत्या कर दी है। 2025 और 2024 में भी इस तरह की घटनाएं खूब हुई थीं। अधिकतर मामलों में पुलिस की ओर से आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। लेकिन, जमीन संबंधी मामलों के निष्पादन में अंचल कार्यालय सहित संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का मानना है कि जमीन संबंधी के निष्पादन में अंचल स्तर पर लापरवाही की जा रही है। निष्पक्ष और समय पर विवाद का निष्पादन नहीं किया जा रहा है। इससे खून-खराबे हो रहे हैं। जमीन पर कब्जे के लिए इकलौते पुत्र सहित पिता की कर दी गयी थी हत्या सहार थाना क्षेत्र के पेरहाप गांव में जमीन के विवाद में इकलौते पुत्र सहित पिता की हत्या कर दी गयी थी। दोनों को गोलियों भून दिया गया था। पहले बेटे आदित्य और उसके बाद गवाही देने जा रहे पिता को गोलियों से भून दिया गया था। घटना 2024 में हुई थी। 15 अप्रैल की शाम आदित्य और उसके पिता कमलेश राय को गोली मारी गयी थी। इसमें आदित्य कुमार की मौत हो गयी थी। 19 दिसंबर को बेटे की हत्या के केस में गवाही देने जा रहे आदित्य के पिता कमलेश राय को गोलियों से भून डाला गया था। गोलीबारी की उस घटना में कमलेश राय के भाई को भी गोली लगी थी। हत्या का आरोप कमलेश राय के भतीजे प्रियांशु राय पर लगा था। तब पुलिस की ओर से बताया गया था कि कमलेश राय के पिता तीन भाई थे। उनमें एक भाई को कोई संतान नहीं थी। उनकी जमीन को लेकर कमलेश राय और उनके भतीजे प्रियांशु राय के बीच विवाद चल रहा था। उसी साल उदवंतनगर थाना क्षेत्र के रघुनीपुर गांव में दो साल पूर्व महज दो कट्ठा जमीन के विवाद में पिता-पुत्र को गोलियों से भून डाला गया था। इसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। मृतकों में रघुनीपुर गांव निवासी रामाधार सिंह और उनके पुत्र मुकेश कुमार शामिल हैं। घटना दो अप्रैल 2024 की सुबह हुई थी। पड़ोसियों पर ही हत्या का आरोप लगा था। वारदात के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद भाग रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है कि रघुनीपुर गांव निवासी रामाधार सिंह और उनके विरोधी के बीच काफी सालों से जमीन का विवाद चल रहा है। उस विवाद में पूर्व में भी खूनी संघर्ष हो चुका है। दोनों पक्षों के कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद विवाद का निष्पादन नहीं हो सका है। अनुकंपा पर नौकरी के लिए पिता की कर दी थी हत्या संपत्ति के लिए रिश्ते के कत्ल का सबसे घिनौना चेहरा चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव से आया था। वहां 19-20 दिसंबर 2025 की रात दिल दहला देने वाली एक घटना भी सामने आयी थी। एक बेटे ने अनुकंपा पर नौकरी और जमीन के लिए अपने पिता की हत्या कर दी गयी थी। हत्यारा बेटा माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके पिता झारखंड पुलिस में हवलदार थे। दरअसल हवलदार पशुपति नाथ तिवारी का इकलौते बेटा कुछ काम नहीं करता था। इसे ले उसके पिता नाराज चल रहे थे। ऐसे में उनके बेटे को संदेह हो गया था कि उसके पिता उसे संपत्ति ले बेदखल कर सकते हैं। ऐसे में उसने अपने एक दोस्त के साथ पिता की हत्या की साजिश रच दी। पुलिस के अनुसार सोचा था कि पिता की हत्या कर देगा, तो संपति अपने आप मिल जायेगी। अनुकंपा पर नौकरी भी मिल जायेगी। उसी चक्कर में उसने साजिश के तहत अपने पिता की हत्या कर दी थी। हालांकि दूसरे दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 2025 में ही जगदीशपुर थाना क्षेत्र के देवघर (मोती टोला) गांव में भी एक कलियुगी बेटे ने संपत्ति के लिए तलवार से अपने पिता की गर्दन काट हत्या कर दी थी। मृतक देवघर मोती टोला गांव निवासी स्व. शिव पर्सन सिंह के 50 वर्षीय पुत्र जयप्रकाश सिंह उर्फ सत्येंद्र सिंह थे। हत्या करने का आरोप उनकी पहली पत्नी के बेटे विष्णु पर लगा था। बताया जा रहा था कि जय प्रकाश सिंह दोनों पत्नी के साथ ही रहते थे। पहली पत्नी का पुत्र विष्णु कुमार बराबर जमीन में हिस्सा मांग रहा था। उसी विवाद में 13 मई 2025 को उसने अपने पिता की हत्या कर दी थी। उसी साल तीन सितंबर को तीयर गांव निवासी संतोष राम को अपनी पत्नी सोनी देवी पर दो सौ रुपए चोरी करने का संदेह था। ऐसे में उसने पीट-पीटकर 29 वर्षीया पत्नी सोनी देवी की हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। जमीन विवाद में हाल की हत्या की घटनाएं 14 अगस्त : चौरी थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव में जमीन विवाद में लेकर दो पक्ष भिड़ गये थे। खूनी संघर्ष में वार्ड सदस्य की गोली मार हत्या कर दी गई। मृत वार्ड सदस्य भीखमपुर गांव निवासी गांधी सिंह के पुत्र अशोक सिंह थे। मारपीट में उनके दो चचेरे भतीजे भी घायल हो गए थे। घटना के संबंध में तब बताया गया था कि गांव में करीब छह महीने से दो पक्षों के बीच दो डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर समझौता कराने और मामले को सुलझाने की कोशिश के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए थे। 6 अक्तूबर : गजराजगंज ओपी के चौकीपुर गांव में पैसे के विवाद में घर के पास प्रॉपर्टी डीलर राजू यादव को गोली मार दी गयी थी। उस मामले में पुलिस की ओर से उनके साला और साढ़ू को गिरफ्तार किया गया था। 10 अक्तूबर : आरा के नवादा थाना क्षेत्र के पावरगंज सूर्य मंदिर के समीप जमीन और संपत्ति बंटवारे के विवाद में हार्डवेयर कारोबारी उपेंद्र सिंह की गोली मार हत्या कर दी गई। मूल रूप से संदेश के बडीहा गांव निवासी कारोबारी उपेंद्र सिंह बच्चे को स्कूल पहुंचाने के बाद घर लौट रहे थे। तभी घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें गोली मार दी। पुलिस ने उनके चाचा और चचेरे भाई को गिरफ्तार किया था। 14 अक्तूबर : गड़हनी थाना क्षेत्र के अगिआंव गांव में जमीन विवाद में एक शख्स ने छोटे भाई अमित राय की पत्नी सीमा देवी की गोली मार हत्या कर दी थी। उस मामले में जेठ सुमंत राय और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। राइफल भी जब्त कर ली गयी है। 15 अक्तूबर : आरा के नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में जमीन विवाद में क्षत्रिय कल्याण संघ के अध्यक्ष सह रिटायर्ड कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह को गोलियों से भून डाला गया था। इसके बाद जमकर हंगामा मचा था। 03 नवंबर : जगदीशपुर के तेंदुनी में पंच मां और बेटे की रात में सोने के दौरान हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड के पीछे पुलिस को प्रारंभिक वजह जमीन और संपत्ति विवाद लग रही है। बड़े बेटे और बहू को हिरासत में ले पुलिस पूछताछ कर रही है।
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