Written By Varsha Sikri
CJI सूर्यकांत का एक याचिकाकर्ता को दिया गया जवाब काफी सुर्खियों में है. (Photo: ANI)
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का एक याचिकाकर्ता को दिया गया जवाब काफी सुर्खियों में है. याचिकाकर्ता ने जब अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों को बारी-बारी से बदलने की मांग की, तो CJI ने हाजिरजवाब देते हुए कहा, ”आप गलत नंबर डायल कर रहे हैं. ये विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी का अच्छा मौसम है. आप भी ऐसा कर सकते हैं.”
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सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि इस मुद्दे को न्यायपालिका के बजाय विधायकों/सांसदों के सामने उठाया जाना चाहिए. मामले की सुनवाई करते हुए सीजेआई ने कहा, ”थोड़ी हिम्मत जुटाकर अपनी आवाज उठाएं और कहें कि अब समय आ गया है कि विधायिका इस दिशा में कुछ कदम उठाए.” मुख्य न्यायाधीश ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि इस मामले का फैसला विधायिका कर सकता है, इसलिए अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती.
CJI और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने SC/ST निर्वाचन क्षेत्रों के लिए बिना रोटेशन के आरक्षण जारी रखने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि कई निर्वाचन क्षेत्र 1972 से ही आरक्षित चले आ रहे हैं, और रोटेशन ना होने की वजह से एक ही परिवार के तीन-चार लोग बार-बार चुनाव लड़ते आ रहे हैं. याचिका में रोटेशन के लिए परिसीमन आयोग की 2008 की रिपोर्ट की सिफारिशों का हवाला दिया गया था. उनका तर्क था कि कई दशकों तक निर्वाचन क्षेत्रों को एक ही समुदाय के लिए आरक्षित रखने से मतदाताओं के विकल्प सीमित हो जाते हैं.
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