तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार से हिंदी को सरकारी दफ्तरों से हटाने और तमिल को आधिकारिक भाषा बनाने की मांग की। उनका कहना है कि भाजपा तमिल संस्कृति का समर्थन सिर्फ दिखावा कर रही है। स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से ठोस कदम उठाने की अपील की और तमिल भाषा के प्रचार-प्रसार में खर्च बढ़ाने की बात की।
“पीएम मोदी को तमिल के समर्थन में कदम उठाने चाहिए। वह ठोस कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के कार्यालयों से हिंदी को बेदखल करें और उसकी जगह तमिल को ‘आधिकारिक’ भाषा बनाएं। हिंदी के साथ वह तमिल को आधिकारिक भाषा बनाएं और संस्कृत जैसी मृत भाषा के बजाय तमिल पर अतिरिक्त धन व्यय करें। तमिलनाडु में संस्कृत और हिंदी को बढ़ावा देने के बजाय तमिल पर खर्च करें।” सीएम एम के स्टालिन
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