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Maharashtra New CM LIVE Updates: महायुति में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कथित खींचतान समाप्त होने के बाद अब कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है. महयुति में बीजेपी के साथ ही शिवसेना और एनसीपी भी घटक दल है. बड़ा सवाल यह है कि किस पार्टी के पास कितना मंत्री पद जाएगा और कौन सा विभाग किसके हिस्से में आएगा. महायुति की बैठक के बाद इन सबपर भी तस्वीर साफ हो जाएगी.
Maharashtra New CM LIVE Updates: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान खत्म हो गया है. शिवसेना-शिंदे के चीफ एकनाथ ने सीएम बनने की चाहत को दबा दिया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी हाईकमान जो भी फैसला करेगा, उसे वह और उनकी पार्टी स्वीकार करेगी. अब देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है. बता दें कि महायुति के एक अन्य घटक दल अजित पवार की एनसीपी पहले ही फडणवीस के सीएम बनने का समर्थन कर चुके हैं.
पोर्टफोलियो और डिप्टी सीएम और सीएम एह सारे मुद्दे पर सिर्फ एकनाथ शिंदे ही फैसला लेंगे. चुनाव से पहले ही पीएम मोदी, अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के चेहरे पर ही पूरा चुनाव लड़ा जाएगा. हम तो अभी भी चाहते है कि सीएम एकनाथ शिंदे ही हों. केंद्र में जाना है या बड़े पोर्टफोलियो लेने है, इस पर फाइनल फैसल सिर्फ एकनाथ शिंदे ही करेंगे. 2 से 3 दिनों में सब साफ हो जाएगा, सबके सामने सीएम के नाम और चेहरा सामने आयेंगे.
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी बिहार पैटर्न के मूड में बिल्कुल भी नहीं है. महाराष्ट्र में बीजेपी हर हाल में अपनी पार्टी का ही सीएम चाहती है. वहीं अजीत पवार गुट अभी भी देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने के फेवर में है. देवेंद्र फडणवीस के सीएम को लेकर अजीत पवार गुट की एनसीपी का पूरा समर्थन है.
वहीं एकनाथ शिंदे ने अपने नेता और कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वो सीएम पद की मांग को लेकर उनके वर्षा बंगले पर भीड़ ना लगाए. शिंदे का कहना है महायुति में तीन पार्टी ने मिल का चुनाव लड़ा था.. सीएम पद के लिए नहीं. शिंदे ने यह तब कहा है जब शिंदे के नेताओ ने सोशल मीडिया पर लिख की “एकनाथ शिंदे है तो सेफ है.”
शिवसेना नेता शंभुराज देसाई ने पुष्टि की कि तीन प्रमुख नेता- एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार- एक साथ बैठेंगे और गतिरोध पर चर्चा करेंगे. देसाई ने कहा कि इन नेताओं द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे गठबंधन के सभी विधायक स्वीकार करेंगे और लागू किया जाएगा. देसाई ने शामिल दलों की अलग-अलग प्राथमिकताओं को स्वीकार करते हुए, एक शिव सैनिक के रूप में अपनी पसंद व्यक्त की और सीएम पद के लिए एकनाथ शिंदे का समर्थन किया.
हालांकि, अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है. यह सवाल अभी बना हुआ है कि क्या बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस या एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे? महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए हमारे इस लाइव ब्लॉग के साथ जुड़े रहिए.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति ने जबरदश्त बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. एकनाथ शिंदे के ऐलान के बाद प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर मची कथित खींचतान तो थम गई, लेकिन अब घटका दलों की नजर संभावित कैबिनेट में हिस्सेदारी पर टिक गई है. साथ ही विभागों को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ गई है.
महाराष्ट्र में महयुति की प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हुई है. एकनाथ शिंदे ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेस कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. शिंदे ने कहा कि उन्हें बीजेपी आलाकमान का हर फैसला स्वीकार्य होगा. उधर, सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को महायुति के नेताओं की अमित शाह के साथ बैठक होगी.
एकनाथ शिंदे के बाद अब बीजेपी के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमारी महायुति में सभी नेता साथ बैठकर विचार करते हैं. नागपुर में बयान देते हुए उन्होंने कहा कि एक मत होकर फैसला लिया जाता है. लोगों के मन में जो शंका थी, उसको एकनाथ शिंदे ने दूर किया है.
एकनाथ शिंदे की घोषणा के बाद अब महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन की कोशिशें तेज हो गई हैं. सूत्रों की मानें तो ओथ टेकिंग सेरेमनी 2 दिसंबर को होगी. इस ग्रांड आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम दिग्गज नेता शामिल होंगे. देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने की संभावनाएं बढ़ गई हैं.
एकनाथ शिंदे की ओर से रुख साफ किए जाने के बाद अब महायुति बम-बम है. नई सरकार के शपथ लेने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सूत्रों की मानें तो महायुति 2.0 का शपथ ग्रहण समारोह 2 दिसंबर 2024 को हो सकता है. शपथ ग्रहण समारोह वानखेड़े स्टेडियम या फिर शिवाजी पार्क में आयोजित किया जा सकता है.
एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री बनने की जिद छोड़ दी है. साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जो भी फैसला लेंगे वह उनके और उनकी पार्टी के लिए स्वीकार्य होगा. इस तरह महाराष्ट्र में सीएम की कुर्सी को लेकर मची कलह समाप्त हो गई. इसके बाद महाराष्ट्र बीजेपी के प्रमुख बावनकुले ने एकनाथ शिंदे को धन्यवाद दिया है. साथ ही कहा कि उनके नाराज और दुखी होने की अफवाह उड़ाई गई थी.
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के अगले सीएम को लेकर तस्वीर साफ कर दी है. शिंदे ने मुख्यमंत्री बनने की जिद को छोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जो भी निर्णय लेंगे उसे वह स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद कि उन्होंने जनता का काम करने की मजबूती दी. केंद्र ने पूरा समर्थन दिया तभी महाराष्ट्र में विकास कार्यों में तेजी आई. शिंदे ने आगे कहा कि हम बालासाहेब के विचारों को लेकर आगे बढ़े.
महायुति की प्रचंड जीत के बाद अब एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. श्यिवसेना सुप्रीमो एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की जिद छोड़ दी है. मुख्यमंत्री आवास वर्षा में शक्ति प्रदर्शन करने वाले शिंदे ने कहा कि बीजेपी हाईकमान जो भी फैसला लेगा, उसे वह और उनकी पार्टी शिवसेना स्वीकार करेगी. उन्होंने आगे कहा कि कोई नाराजगी नहीं है, कोई स्पीड ब्रेकर नहीं है.
एकनाथ शिंदे ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपन मन की बात कह दी. उन्होंने कहा कि बीजेपी बड़ा भाइ र्है. उनको जो फैसला लेना हो ले. शिंदे ने कहा कि बीजेपी का सीनियर लीडरशिप जो भी निर्णय लेगा, वह उन्हें स्वीकार्य होगा. शिवसेना प्रमुख ने साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह नाराज या गुस्से में कतई नहीं हैं. वह यहां काम करने के लिए हैं.
महाराष्ट्र में महायुति ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. इसके बाद अब मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर लड़ाई तेज हो गई है. शिवसेना-शिंदे के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह आम कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं. शिंदे ने कहा, ‘महाराष्ट्र की जनता का धन्यवाद जिन्होनें हमें शानदार जीत दिलाई. मैं मुख्यमंत्री नहीं, आम कार्यकर्ता की तरह काम करता हूं. हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए महायुति ने योजनाएं चलाई.’
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान जारी है. इस बीच खबर है कि आज दोपहर 3 बजे एकनाथ शिंदे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. एकनाथ शिंदे यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ठाणे में करेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि वह कुछ बड़ा ऐलान करेंगे. अब लोगों को शिंदे के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है.
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान जारी है. खबर है कि देवेंद्र फडणवीस आज शाम दिल्ली पहुंच सकते हैं. शिंदे गुट के नेता संजय सिरसाट ने कहा है कि यह बात सही है कि कल मैं देवेंद्र फडणवीस से मिला, सभी मुद्दों पर बात हुई, राजनीति पर भी बात हुई है.
पोर्टफोलियो और डिप्टी सीएम और सीएम एह सारे मुद्दे पर सिर्फ एकनाथ शिंदे ही फैसला लेंगे. चुनाव से पहले ही पीएम मोदी, अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के चेहरे पर ही पूरा चुनाव लड़ा जाएगा. हम तो अभी भी चाहते है कि सीएम एकनाथ शिंदे ही हों. केंद्र में जाना है या बड़े पोर्टफोलियो लेने है, इस पर फाइनल फैसल सिर्फ एकनाथ शिंदे ही करेंगे. 2 से 3 दिनों में सब साफ हो जाएगा, सबके सामने सीएम के नाम और चेहरा सामने आयेंगे.
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी बिहार पैटर्न के मूड में बिल्कुल भी नहीं है. महाराष्ट्र में बीजेपी हर हाल में अपनी पार्टी का ही सीएम चाहती है. वहीं अजीत पवार गुट अभी भी देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने के फेवर में है. देवेंद्र फडणवीस के सीएम को लेकर अजीत पवार गुट की एनसीपी का पूरा समर्थन है.
एकनाथ शिंदे ने अपने शिवसैनिकों से साफ कहा है सीएम पद की मांग को लेकर उनके घर पर भीड़ न लगाएं. हालांकि, अगर वह मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं तो उन्होंने भाजपा के सामने एक शर्त भी रख दी है.
पढ़ें पूरी खबर- Maharashtra New CM: खुद नहीं बनेंगे महाराष्ट्र का CM? एकनाथ शिंदे ने दिया हिंट पर रखी एक शर्त, क्या देवेंद्र फडणवीस का काम बन गया
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों पर शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “…अगर देवेंद्र फडणवीस का नाम फाइनल हो गया है, तो जल्दी से इसकी घोषणा करें. आप महाराष्ट्र की जनता से किए गए वादों से क्यों वंचित कर रहे हैं, उन्हें क्यों दूर रख रहे हैं और महाराष्ट्र के स्टीयरिंग संकट को क्यों अनदेखा कर रहे हैं? महाराष्ट्र हो या हरियाणा, महाराष्ट्र के अखबारों में बताया जा रहा है कि 95 सीटों पर डाले गए वोटों और गिने गए वोटों में अंतर है. करीब 76 सीटें ऐसी हैं, जहां कहा जा रहा है कि गिने गए वोटों की संख्या डाले गए वोटों से कम है. तो सवाल यह है कि क्या ईवीएम का इस्तेमाल वोटों की संख्या में छेड़छाड़ करने और विजेता घोषित करने के लिए किया जा रहा है. यह व्यापक चर्चा का विषय है. इस मुद्दे पर चर्चा करने और इसे सुलझाने के बजाय इसे नकारना चुनाव आयोग की आदत बन गई है…”
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “हम पिछले 10 सालों से यह सवाल उठा रहे हैं. जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे. ईवीएम इस देश में धोखा है और अगर ईवीएम नहीं होगी तो भाजपा को पूरे देश में 25 सीटें भी नहीं मिलेंगी. महाराष्ट्र और हरियाणा के नतीजे जिस तरह से आए हैं, हम उसे स्वीकार नहीं करते. बैलेट पेपर पर चुनाव करवाएं और जो भी नतीजे आएंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे…”
सूत्रों के मुताबिक 2 दिनो में बीजेपी की विधायक दल की मीटिंग हो सकती है. विधायक दल की मीटिंग में विधायक दल का नेता चुना जाएगा. सूत्रों के मुताबिक देवेंद्र फडणवीस विधायक दल के नेता हो सकते हैं. 3 से 4 दिनो में महाराष्ट्र से सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है. सीएम के नामों में देवेंद्र फडणवीस सबसे आगे.
सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे की सरकार में बड़ी मांग, अगर एकनाथ शिंदे सीएम नहीं बने तो गृह विभाग शिंदे कैंप को दिया जाए. कल देर रात शिंदे कैम्प के नेता देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके बंगले गए थे. शिंदे कैम्प की मांग अहम पोर्टफोलियो उनको मिले.
एनसीपी-एससीपी नेता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, “चुनावों के दौरान भाजपा ने कहा था कि हम महायुति के चेहरे के रूप में एकनाथ शिंदे के साथ चुनाव लड़ रहे हैं. अब जब समय आ गया है, जब उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया है और अब उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है, तो भाजपा बिहार मॉडल के न होने की बात कर रही है, कुछ और नहीं होने की बात कर रही है… इसका मतलब है कि उन्होंने शिंदे का इस्तेमाल किया…क्या वे यह कहना चाह रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री बनने के योग्य नहीं हैं? या वे यह कहना चाह रहे हैं कि हमने वह कर दिया जो हमें करना था, हमने उनका इस्तेमाल किया और अब हम अपने आदमी को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं? उन्हें लोगों के जनादेश का सम्मान करना चाहिए और ऐसे मुख्यमंत्री की घोषणा करनी चाहिए जो महाराष्ट्र को समृद्धि की ओर ले जाए.”
एकनाथ शिंदे ने अपने नेता और कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वो सीएम पद की मांग को लेकर उनके वर्षा बंगले पर भीड़ ना लगाए. शिंदे का कहना है महायुति में तीन पार्टी ने मिल का चुनाव लड़ा था.. सीएम पद के लिए नहीं. शिंदे ने यह तब कहा है जब शिंदे के नेताओ ने सोशल मीडिया पर लिख की “एकनाथ शिंदे है तो सेफ है.”
Maharashtra New CM LIVE Updates: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान खत्म हो गया है. शिवसेना-शिंदे के चीफ एकनाथ ने सीएम बनने की चाहत को दबा दिया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी हाईकमान जो भी फैसला करेगा, उसे वह और उनकी पार्टी स्वीकार करेगी. अब देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है. बता दें कि महायुति के एक अन्य घटक दल अजित पवार की एनसीपी पहले ही फडणवीस के सीएम बनने का समर्थन कर चुके हैं.
पोर्टफोलियो और डिप्टी सीएम और सीएम एह सारे मुद्दे पर सिर्फ एकनाथ शिंदे ही फैसला लेंगे. चुनाव से पहले ही पीएम मोदी, अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के चेहरे पर ही पूरा चुनाव लड़ा जाएगा. हम तो अभी भी चाहते है कि सीएम एकनाथ शिंदे ही हों. केंद्र में जाना है या बड़े पोर्टफोलियो लेने है, इस पर फाइनल फैसल सिर्फ एकनाथ शिंदे ही करेंगे. 2 से 3 दिनों में सब साफ हो जाएगा, सबके सामने सीएम के नाम और चेहरा सामने आयेंगे.
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी बिहार पैटर्न के मूड में बिल्कुल भी नहीं है. महाराष्ट्र में बीजेपी हर हाल में अपनी पार्टी का ही सीएम चाहती है. वहीं अजीत पवार गुट अभी भी देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने के फेवर में है. देवेंद्र फडणवीस के सीएम को लेकर अजीत पवार गुट की एनसीपी का पूरा समर्थन है.
वहीं एकनाथ शिंदे ने अपने नेता और कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वो सीएम पद की मांग को लेकर उनके वर्षा बंगले पर भीड़ ना लगाए. शिंदे का कहना है महायुति में तीन पार्टी ने मिल का चुनाव लड़ा था.. सीएम पद के लिए नहीं. शिंदे ने यह तब कहा है जब शिंदे के नेताओ ने सोशल मीडिया पर लिख की “एकनाथ शिंदे है तो सेफ है.”
शिवसेना नेता शंभुराज देसाई ने पुष्टि की कि तीन प्रमुख नेता- एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार- एक साथ बैठेंगे और गतिरोध पर चर्चा करेंगे. देसाई ने कहा कि इन नेताओं द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे गठबंधन के सभी विधायक स्वीकार करेंगे और लागू किया जाएगा. देसाई ने शामिल दलों की अलग-अलग प्राथमिकताओं को स्वीकार करते हुए, एक शिव सैनिक के रूप में अपनी पसंद व्यक्त की और सीएम पद के लिए एकनाथ शिंदे का समर्थन किया.
हालांकि, अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है. यह सवाल अभी बना हुआ है कि क्या बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस या एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे? महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए हमारे इस लाइव ब्लॉग के साथ जुड़े रहिए.
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