Bangladesh Violence: 'उनके कार्य नहीं करते हमारा प्रतिनिधित्व', ISKCON बांग्लादेश ने किया चिन्मय – ABP न्यूज़

Bangladesh Hindu Attack Latest News: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा जारी है. मुस्लिम कट्टरपंथी लोगों के अलावा कई जगह पुलस भी हिंदुओं पर हमले कर रही है. भीड़ उनकी संपत्तियां जला रही है. नाम और आईडी चेक करते हुए हिंदू लोगों को पीटा जा रहा है. इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी के बाद हालात और बिगड़ गए हैं.
दुनियाभर में बांग्लादेश में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर चिंता जताई जा रही है, लेकिन बांग्लादेश सरकार कोई भी ठोस कदम उठाती नहीं दिख रही है. गुरुवार को इस मुद्दे पर भारत की संसद में सवाल पूछे गए. सवाल पूछा गया कि क्या भारत सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सामने हिंदुओं पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया है. आइए जानते हैं बांग्लादेश से जुड़े 10 बड़े अपडेट.
ये हैं 10 बड़े अपडेट
1. बंगीय हिंदू जागरण मंच के सदस्यों ने गुरुवार को पड़ोसी देश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों और आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के विरोध में कोलकाता में बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला.
2. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (28 नवंबर 2024) को राज्य विधानसभा में स्थिति को संबोधित किया और कहा, “किसी भी धर्म को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए और धर्म के कारण हिंसा में समाप्त होने वाली कोई भी घटना निंदनीय है. वह इन घटनाओं से दुखी हैं, लेकिन बंगाल प्रशासन और उनकी पार्टी की इसमें सीमित भूमिका है. उम्मीद है कि केंद्र सरकार बांग्लादेश से बात करके अशांति को समाप्त करेगी. हम केंद्र की ओर से लिए गए हर निर्णय का समर्थन करेंगे.”
3. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा पर पीएम मोदी को जानकारी दी. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि जयशंकर 24 से 26 नवंबर तक G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के बाद इटली से लौटे थे.
4. चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में इस्कॉन पर भी सवाल उठ रहे हैं. इसे कट्टरपंथी संगठन घोषित करने की मांग की गई है. लेकिन इन सबके बीच इस्कॉन बांग्लादेश ने गुरुवार को चिन्मय कृष्ण दास से खुद को अलग करते हुए कहा कि उनके कार्य धार्मिक संस्था का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं”.
5. ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इस्कॉन बांग्लादेश के महासचिव चारु चंद्र दास ब्रह्मचारी ने कहा कि अनुशासन भंग करने के कारण प्रभातक श्री कृष्ण मंदिर के प्रमुख लीलाराज गौर दास, गौरांग दास और चटगांव में श्री श्री पुंडरीक धाम के प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास को अनुशासन के उल्लंघन के कारण इस्कॉन के भीतर उनके पदों और सभी संगठनात्मक गतिविधियों से हटा दिया गया था.
6. बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने गुरुवार को देश में इस्कॉन की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए स्वत: संज्ञान लेने का आदेश जारी करने से इनकार कर दिया. यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के एक वकील की याचिका और छात्र समूहों की ओर से इस तरह की कार्रवाई के लिए आह्वान के बावजूद आया है. अदालत ने कहा कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है. न्यायालय ने उम्मीद जताई कि सरकार अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं पर अत्याचार सहित कानून और व्यवस्था की सुरक्षा में सतर्क रहेगी.
7. यूनाइटेड किंगडम के कंजर्वेटिव सांसद बॉब ब्लैकमैन ने इस साल अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हुए हमलों को लेकर बांग्लादेशी अंतरिम सरकार पर निशाना साधा है. गुरुवार को सांसद ने एक्स पर लिखा, “मैं बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों और चिन्मय कृष्ण दास की कैद की निंदा करता हूं. धर्म की स्वतंत्रता को वैश्विक स्तर पर संरक्षित किया जाना चाहिए. मैं उनके उच्च न्यायालय की ओर से यह निर्णय दिए जाने के प्रयास से भी चिंतित हूं कि देश से इस्कॉन को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. हमने बांग्लादेशियों की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी है और हम वहां की किसी भी सरकार को अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने की अनुमति नहीं दे सकते.”
8. अपदस्थ बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को चटगांव में एक वकील की हत्या और हिंदू भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की निंदा की और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की. अगस्त में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत भागकर आईं शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर व्यापक मानवाधिकार हनन का आरोप लगाया है .
9. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मय दास की गिरफ्तारी और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खबरों को “गंभीर और परेशान करने वाला” बताया. समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा, “सभी भारतीय अपने पड़ोसी की भलाई के बारे में चिंतित हैं. यह सिर्फ विदेश मंत्रालय ही नहीं बल्कि सभी भारतीय नागरिक हैं जो इन रिपोर्टों से चिंतित हैं.”
10. भारत सरकार ने दो दिन पहले चिन्मय की गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताई है और ढाका से हिंदुओं सहित अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. हालांकि, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि भारत उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है.
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