UP News Today LIVE: नोएडा सेक्टर-18 में लगी आग, शॉपिंग कॉम्पलेक्स में मची चीख पुकार – Jansatta

UP Latest Breaking News Today LIVE Updates: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज एजेंसी PTI को इंटरव्यू दिया है। उन्होंने ईद के दौरान सड़क पर नमाज न पढ़ने के आदेश पर कहा कि सड़के चलने के लिए। इस फैसले पर सवाल खड़ा करने वालों से उन्होंने कहा कि जो ये कह रहे हैं उन्हें हिंदुओं से सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए लेकिन वहां कोई लूट नहीं हुई, कोई अराजकता नहीं थी। कहीं कोई छेड़छाड़ नहीं, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कहीं कोई अपहरण नहीं, यही अनुशासन है, यही धार्मिक अनुशासन है। उन्होंने आगे कहा कि त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन बदतमीजी का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखो। 
उन्होंने कहा, “आप तुलना कर रहे हैं कांवड़ यात्रा से, कांवड़ यात्रा हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद या आगे के क्षेत्रों में जाती है, वो सड़क पर ही चलेगी। क्या हमने कभी किसी परंपरागत मुस्लिम जुलूस को रोका, मोहर्रम के जुलूस निकलते हैं। ये जरूर कहा कि ताजिया का साइज थोड़ा छोटा कर लो, इसलिए करिए क्योंकि तुम्हारी सुरक्षा है, हाई टेंशन के तार बदलेंगे नहीं तुम्हारे लिए। उसका साइज कम करो क्योंकि हाई टेंशन की चपेट में आओगे मर जाओगे और यही होता है। कांवड़ यात्रियों में भी उनको कहा जाता है डीजे का साइज छोटा करो और जो नहीं करता, उसमें हम लोग सख्ती करते हैं। कानून सबके लिए बराबर लागू किया जा रहा है तो आप लोग कैसे तुलना कर दे रहे हैं सबको। ईद में कौनसा प्रदर्शन करेंगे, आप घंटों सड़क जाम करेंगे नमाज पढ़ने के नाम पर। नमाज पढ़ने की जगह आपकी ईदगाह होगी, आपकी मस्जिद होगी, सड़क नहीं हो सकती।”
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नोएडा सेक्टर 18 में भीषण आग लगी है। दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं।
महाकुंभ में धार्मिक अनुशासन की बात कर सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के मामले पर समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया कहते हैं, “इसमें कोई विवाद नहीं है, दरअसल, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की भाषा कड़वी होती जाएगी, हिंदू-मुसलमानों के बीच दरार पैदा करने वाली टिप्पणियां और भी होंगी, क्योंकि सरकार विकास के मोर्चे पर विफल रही है। कौन सड़क पर नमाज पढ़ना चाहता है? अगर जगह की कमी है, तो प्रशासन को नमाज के लिए जगह की व्यवस्था करनी चाहिए। कल मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में ईदगाह में नमाज के दौरान वहां था, सड़क पर कोई नहीं था, 20,000 लोगों ने सीमा के भीतर नमाज पढ़ी। जहां तक ​​महाकुंभ का सवाल है, अभी भी कई लोग लापता हैं। सरकार को उन्हें ढूंढना चाहिए।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कुशासन ने राज्य को पीछे धकेल दिया। “यह चुनौती उन पार्टियों के शोषण का नतीजा है जिन्होंने लंबे समय तक यूपी पर राज किया। उनके कुशासन का नतीजा यह हुआ कि राज्य हर क्षेत्र में पीछे चला गया। चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर हो, गवर्नेंस हो, कल्याणकारी योजनाएं हों या रोजगार, हर क्षेत्र में इसका असर दिखाई दे रहा था। 2016-17 तक यूपी पहचान के संकट से जूझ रहा था। पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं को समाजवादी पार्टी सरकार ने यूपी में लागू नहीं किया।”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सीएम योगी आदित्यनाथ की सड़क पर नमाज पढ़ने की टिप्पणी पर कहा, “हमें अनुशासन समझ में आ गया है। मैंने खुद लोगों से सड़कों पर नमाज न पढ़ने को कहा है। लेकिन उन्हें दूसरों को भी अनुशासन सिखाना चाहिए जो जुलूस निकालकर यातायात को बाधित करते हैं।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि एक बड़ा वर्ग उन्हें एक दिन प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “देखिए, मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं, पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यहां रखा है और राजनीति मेरे लिए पूर्णकालिक काम नहीं है। फिलहाल हम यहां काम कर रहे हैं लेकिन असल में मैं एक योगी हूं। जब तक हम यहां हैं, काम कर रहे हैं। इसकी भी एक समय सीमा होगी।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस सवाल का जवाब दिया कि क्या केंद्रीय नेताओं के साथ उनके कोई मतभेद हैं। उन्होंने कहा, “मतभेद का सवाल कहां से आता है? आखिर मैं पार्टी की वजह से ही यहां बैठा हूं। अगर केंद्रीय नेताओं से मेरे मतभेद हैं तो क्या मैं यहां बैठा रहूंगा? दूसरी बात यह है कि चुनाव में टिकटों का बंटवारा पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा किया जाता है और सभी मामलों पर संसदीय बोर्ड में चर्चा होती है। मामले उचित जांच के बाद वहां पहुंचते हैं। इसलिए बोलने के लिए कोई भी कुछ भी कह सकता है। कोई किसी का मुंह बंद नहीं कर सकता।”
पीटीआई को दिए इंटरव्यू के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या वह ‘बुलडोजर मॉडल’ को अपनी उपलब्धियों में से एक मानते हैं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “देखिए, यह कोई उपलब्धि नहीं है, यह यहां (उत्तर प्रदेश) की जरूरत थी और उस जरूरत के लिए जो भी हमें जरूरी लगा, हमने किया। आज भी अगर कहीं कोई अतिक्रमण है, तो उसे हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाता है। तो, बुलडोजर बुनियादी ढांचा प्रदान करने के साथ-साथ अतिक्रमण भी हटा सकता है और मुझे लगता है कि हमने लोगों को इसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि तमिलनाडु जैसे राज्यों में हिंदी को लेकर विवाद नेताओं द्वारा उनके संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए पैदा किया जा रहा है। “यूपी में हम तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली और मराठी पढ़ा रहे हैं, तो क्या इससे यूपी छोटा हो गया है? यूपी में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, नौकरियां पैदा हो रही हैं। जो लोग अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के कारण इस भाषा विवाद को पैदा कर रहे हैं, वे अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं, लेकिन वे एक तरह से युवाओं के रोजगार पर हमला कर रहे हैं।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के राज्य प्रशासन के फैसले को सही बताया और कहा कि लोगों को महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आए श्रद्धालुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। “सड़कें चलने के लिए होती हैं और जो लोग ऐसा कह रहे हैं। उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कहीं लूटपाट नहीं हुई, कहीं आगजनी नहीं हुई, कहीं छेड़छाड़ नहीं हुई, कहीं तोड़फोड़ नहीं हुई, कहीं अपहरण नहीं हुआ, यही अनुशासन है, यही धार्मिक अनुशासन है। वे श्रद्धा से आए, महास्नान में शामिल हुए और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन बदतमीज़ी का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखिए।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ संशोधन विधेयक पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सुधार समय की मांग है। “हर अच्छे काम का विरोध होता है। इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हंगामा हो रहा है। जो लोग इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं। क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया है? वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बन गया है और सुधार समय की मांग है और हर सुधार का विरोध किया जाता है।”
बरेली में आज सीएम योगी कई योजनाओं की सौगात देने वाले हैं।

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