हरदोई स्टेशन पर डिजिटल सेवाएं असफल, क्यूआर कोड पड़ा रहता ठप(Photo- Social Media)
Hardoi News: एक और जहां भारतीय रेल लगातार डिजिटल को बढ़ावा दे रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जहां भारतीय रेल का जिम्मा संभाल रहे हैं वही देश को डिजिटल बनाने की भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के सभी छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर डिजिटाइजेशन को बढ़ावा दिया है लेकिन रेल मंत्री के डिजिटल इंडिया की सारी व्यवस्थाएं हरदोई में आते-आते फेल हो जाती हैं।
मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले हरदोई रेलवे स्टेशन पर पीआरएस काउंटर पर यात्रियों को डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड को लगाया गया था जिससे यात्रियों को आरक्षण और अनारक्षित टिकट में लाभ मिल सके लेकिन हरदोई रेलवे स्टेशन पर आरक्षण में यात्री इस सुविधा का लाभ ज्यादा दिन नहीं ले सके। हरदोई रेलवे स्टेशन पर क्यूआर कोड की योजना ने दम तोड़ दिया है। हरदोई रेलवे स्टेशन पर आरक्षण में यात्रियों को क्यूआर कोड की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में मंडल के रेल अधिकारी भी कोई विशेष ध्यान हरदोई रेलवे स्टेशन को लेकर नहीं दे रहे हैं।
हरदोई रेलवे स्टेशन पर कुछ महीने पहले यात्रियों को यूपीआई की पेचीदगियों से निजात दिलाने के लिए मंडल रेल कार्यालय मुरादाबाद द्वारा एक क्यूआर कोड को लगाया गया था।इस क्यूआर कोड को स्कैन कर आरक्षण कराने आए यात्री अपना भुगतान चंद्र सेकंड में कर सकते थे।
इससे डिजिटाइजेशन को और को बढ़ावा मिलना था लेकिन हरदोई रेलवे स्टेशन पर क्यूआर कोड मशीन के लगने के बाद ही इस क्यूआर कोड मशीन ने काम करना बंद कर दिया हालांकि शुरुआती दौर में अधिकारियों ने तकनीकी खराबी के बात कही थी लेकिन क्यूआर कोड को लगे लगभग 5 से 6 महीने बीत गए हैं लेकिन क्यूआर कोड केवल 4 से 5 दिन ही चल सका होगा।अधिकांश समय हरदोई रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर लगा क्यूआर कोड काम नहीं करता है।
ऐसे में कहीं ना कहीं रेल मंत्री के डिजिटल भारत को मंडल के रेल अधिकारी ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं साथ ही हरदोई रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर अधिकारी कितना गंभीर हैं इसको भी समझा जा सकता है।