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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohammed Muizzu) ने मैराथन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. लेकिन साथ ही भारत को लेकर दिए गए अपने बयान पर वह विवादों में भी घिर गए.
राष्ट्रपति मुइज्जू से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भारत को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत के साथ मालदीव ने जो द्विपक्षीय समझौते किए हैं, उसमें चिंता की कोई बात नहीं है. इसके बाद से वह विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं.
विपक्ष का कहना है मोहम्मद मुइज्जू लगातार एंटी-इंडिया कैम्पेन चलाते रहे, भारत के खिलाफ लोगों की भावनाओें को भड़काते रहे और जनता को गुमराह करते रहे, लिहाजा मोहम्मद मुइज्जू को माफी मांगनी चाहिए.
बता दें कि मुइज्जू का यह बयान 2023 के उनके चुनावी अभियान के उलट है, जिसमें उन्होंने India Out कैंपेन के तहत भारत के साथ समझौतों को मालदीव की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बताया था.
मुइज्जू ने बिना रुके लगातार 15 घंटे कॉन्फ्रेंस कर विश्व रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने शनिवार सुबह दस बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू की जो 15 घंटे तक चली. उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है.इससे पहले जेलेंस्की ने 2019 में 14 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
मुइज्जू के ऑफिस के मुताबिक, राष्ट्रपति ने इस दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिर्फ नमाज अदा करने के लिए थोड़ी देर के लिए पॉज लिया गया. मुइज्जू के ऑफिस से ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति मुइज्जू ने समाज में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया है और तथ्यात्मक, संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के महत्व पर जोर दिया है.
भारत और मालदीव के बीच तनाव की शुरुआत 2023 में मालदीव के राष्ट्रपति चुनाव के बाद हुई थी. मोहम्मद मुइज्जू मालदीव के राष्ट्रपति चुने गए थे. उनकी India Out नीति और चीन के साथ बढ़ती नजदीकियों ने द्विपक्षीय संबंधों में दरार डाली. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव जनवरी 2024 में तब चरम पर पहुंचा, जब मालदीव के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके लक्षद्वीप दौरे की कुछ तस्वीरों पर आपत्तिजनक टिपप्णी की थी. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद गहराया. मामले पर विवाद बढ़ने के बाद इन तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया गया था.
दोनों देशों के इस तनाव के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू चीन के पांच दिन के राजकीय दौरे पर चले गए थे. इस दौरे से लौटने के बाद मुइज्जू लगातार भारत पर निशाना साधते रहे.
मुइज्जू ने मालदीव लौटते ही दो टूक कह दिया था कि हमें बुली करने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है. उन्होंने कहा था कि हम भले ही छोटा देश हो सकते हैं लेकिन इससे किसी को भी हमें बुली करने का लाइसेंस नहीं मिलता. हालांकि, मुइज्जू ने प्रत्यक्ष तौर पर किसी का नाम लेकर ये बयान नहीं दिया है. लेकिन माना जा रहा है कि उनका निशाना भारत की तरफ है.
इसके बाद मुइज्जू ने भारत से 15 मार्च से पहले मालदीव से अपने सैनिकों को हटाने को कहा था. बता दें कि चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू ने पांच दिन के अपने चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. उनका ये दौरा ऐसे समय पर हुआ था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मालदीव सरकार के तीन मंत्रियों को सस्पेंड किया गया था.
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