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पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की नाबालिग के साथ रेप और हत्या की वारदात को लेकर सियासत गर्मा गई है. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 6 जुलाई को बरुईपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने का ऐलान किया है. इस बीच कोलकाता पुलिस ने ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है. ममता के घर के बाहर केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं.
ममता बनर्जी इसे लेकर कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोला है. ममता बनर्जी ने कहा है कि पीड़ित परिवार से मिलने बरुईपुर जाना चाहती थी, इसलिए मुझे हाउस अरेस्ट किया गया. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्हें बरुईपुर जाने से रोकने की कोशिश का आरोप लगाया है.
टीएमसी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा गया है कि हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी बरुईपुर जाना चाहती थीं. इसकी जानकारी मिलते ही उन्हें घर के बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. बैरिकेडिंग कर दी गई. इन कोशिशों के बावजूद हमारी मांग नहीं बदली है. बरुईपुर के पीड़ित परिवार को न्याय मिले. दीदी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी हैं.
Our Chairperson, @MamataOfficial, wanted to visit Baruipur. Upon learning this, a massive deployment of police personnel and barricades was put in place outside her residence to prevent her from leaving.
Despite these attempts to stop her, our demand remains unchanged:… pic.twitter.com/o6dayiSNOF
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टीएमसी की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता में क्या हो रहा है? हर कोई जानता है कि बरुईपुर में क्या हुआ. उन्होंने ममता बनर्जी को जननेता बताते हुए कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलने जाना चाहती थीं, लेकिन क्या उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया है? डोला सेन ने कहा कि क्या ऐसा करके वे दीदी को रोक पाएंगे? बिना किसी कारण यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
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BJP’s ONLY AGENDA – CHOKE THE OPPOSITION.
Restrict their voices. Restrict their movement. Restrict their democratic rights.
With heavy police deployment, route marches are suspiciously being conducted right outside the residences of our Hon’ble Chairperson @MamataOfficial and… pic.twitter.com/kIUrszEElv
उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है. पुलिस-प्रशासन जो कर रहा है, वह ठीक नहीं है. डोला सेन ने सुपर इमरजेंसी जैसी स्थिति का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को कठघरे में खड़ा किया. वहीं, टीएमसी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता बैसवानोर चटर्जी ने ममता बनर्जी के घर के बाहर केंद्रीय बलों की आलोचना करते हुए कहा है कि जब प्रमुख विपक्षी दल की प्रमुख वहां जाने की कोशिश कर रही हैं, ऐसा करना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है.
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