Feedback
डॉक्टरों को अक्सर फरिश्ता कहा जाता है, क्योंकि वे इंसान की जान और सेहत की हिफाजत करते हैं. लेकिन जब तमाम कोशिशों के बाद भी कोई मरीज नहीं बचता, तो डॉक्टर के दिल पर क्या बीतती है? टेनेसी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर दिमित्री यारानोव की एक इमोशनल इंस्टाग्राम पोस्ट इसी सवाल का जवाब तलाशती है.
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस छोटे लेकिन प्रभावशाली वीडियो में डॉक्टर यारानोव दुख में डूबे खामोश खड़े नजर आते हैं. बैकग्राउंड में सैड म्यूजिक बज रहा है और स्क्रीन पर लिखा है मरीज को खोने के बाद क्या होता है. इसके लिए कोई तैयार नहीं होता.
वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में डॉक्टर यारानोव ने लिखा कि मैं रोता हूं. मैं खुद को दोष देता हूं. मैं उस नुकसान को ढोता हूं. सच कहूं तो मुझे इस बात को जोर से कहने में 16 साल लग गए. मैं उस कमरे से बाहर निकलता हूं, नर्स को चुपचाप सिर हिलाकर इशारा करता हूं और फिर अगले कमरे में चला जाता हूं.जैसे मैंने अभी किसी को खोया ही नहीं, जिसे बचाने के लिए मैं लड़ रहा था, लेकिन बाद में, जब कोई नहीं देख रहा होता, मैं टूट जाता हूं.अपनी कार में, कॉल रूम में, कभी-कभी स्टोर रूम में.
देखें वायरल वीडियो
A post shared by Dmitry Yaranov, MD | Cardiologist 🫀 (@heart_transplant_doc)
क्या मैं अब भी अच्छा डॉक्टर हूं?
मैं रोता हूं. हर डिटेल दोबारा सोचता हूं. खुद को दोष देता हूं. सिस्टम को दोष देता हूं. सोचता हूं कि कहीं कुछ छूट तो नहीं गया. क्या मैं अब भी अच्छा डॉक्टर हूं? क्या कभी था भी? और मैं उस नुकसान को सिर्फ अपने दिमाग में नहीं, अपने शरीर में महसूस करता हूं. बेहद खामोशी से. मैं इससे उबरता नहीं, बस आगे बढ़ता रहता हूं। क्योंकि मैं परवाह करता हूं. अब भी करता हूं.
इस वीडियो को 1.2 करोड़ से ज्यादा व्यूज और हजारों कमेंट मिल चुके हैं. कई डॉक्टर, नर्स और आम लोग इस दर्द को महसूस कर रहे हैं. किसी ने कमेंट करते हुए लिखा कि किसी डॉक्टर की तरफ से ये सबसे ईमानदार पोस्ट है.शुक्रिया. वहीं किसी ने कहा कि मैं एक नर्स हूं, ये दर्द देखा है.आप अकेले नहीं हैं.
किसी वे कहा कि डॉक्टर फरिश्ते तो होते हैं, लेकिन भगवान नहीं. ये स्वीकार करना चाहिए कि हर इंसान को एक ना एक दुनिया को छोड़ना ही है.
Copyright © 2025 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू