चीन से US पहुंचा कोव‍िड का तेजी से फैलने वाला नया स्ट्रेन, अस्पतालों में बढ़ी भीड़, भारत के ल‍िए कितना खतरा – आज तक

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चीन में कोविड-19 के मामलों को बढ़ाने वाला एक नया और बहुत तेजी से फैलने वाला वेरिएंट अब अमेरिका में भी पहुंच गया है. इस वेरिएंट का नाम NB.1.8.1 है और इसे न्यूयॉर्क शहर सहित कई अमेरिकी राज्यों में पाया गया है. अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने इसकी पुष्टि की है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह वेरिएंट कोविड के दूसरे स्ट्रेन से ज्यादा तेजी से फैलता है. 
मार्च से अमेरिका में दिखा वेरिएंट
CDC के मुताबिक NB.1.8.1 वेरिएंट सबसे पहले मार्च 2025 के अंत और अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका में देखा गया. इसे उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में पाया गया जो कैलिफोर्निया, वाशिंगटन स्टेट, वर्जीनिया और न्यूयॉर्क शहर के हवाई अड्डों पर पहुंचे थे. इसके अलावा ओहायो, रोड आइलैंड और हवाई में भी इसके मामले मिले हैं. CDC का कहना है कि अमेरिका में अभी इसके मामले कम हैं, इसलिए इसे उनके सिस्टम में ट्रैक नहीं किया जा रहा. 
चीन और हॉन्गकॉन्ग में बढ़े मामले
इस साल NB.1.8.1 वेरिएंट चीन में सबसे ज्यादा फैलने वाला वेरिएंट बन गया. इसकी वजह से पूरे एशिया में कोविड के मामले बढ़ गए. हॉन्गकॉन्ग में पिछले एक साल में पहली बार कोविड के मामले इतने ज्यादा बढ़े हैं. वहां पिछले एक महीने में इमरजेंसी रूम में आने वाले मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. हॉन्गकॉन्ग में पिछले चार हफ्तों में 81 गंभीर मामले सामने आए, जिनमें 30 लोगों की मौत हो गई.  ज्यादातर मरीज 65 साल से ज्यादा उम्र के थे. 
चीन में भी हालात बिगड़े हैं। वहां इमरजेंसी में आने वाले कोविड मरीजों की संख्या एक महीने में दोगुनी यानी 7.5% से बढ़कर 16% से ज्यादा हो गई. अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी दोगुनी होकर 6% से ज्यादा हो गई है. यह जानकारी चीन की सरकारी अखबार चाइना डेली ने दी है. हालांकि, हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा कि यह वेरिएंट पहले के वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक नहीं है. 
कैसे फैल रहा है वेरिएंट?
CDC की एयरपोर्ट टेस्टिंग से पता चला कि यह वेरिएंट उन यात्रियों के जरिए फैला जो चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, थाईलैंड, नीदरलैंड, स्पेन, वियतनाम और ताइवान से होकर आए. थाईलैंड में भी इस वेरिएंट की वजह से मामले बढ़े हैं, जहां से एक अमेरिकी यात्री संक्रमित होकर अमेरिका पहुंचा. 
लक्षण और खतरा
इस वेरिएंट के लक्षण पुराने कोविड स्ट्रेन जैसे खांसी, गले में खराश, बुखार और थकान ही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक यह ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं फैला रहा, लेकिन ये तेजी से फैलता है. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार हॉन्गकॉन्ग के सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन के प्रमुख डॉ. एडविन सुई ने चेतावनी दी है कि इस वेरिएंट को हल्के में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह वेरिएंट वैक्सीन की सुरक्षा को चकमा दे सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह के मुताबिक, हॉन्गकॉन्ग इस वेरिएंट पर नजर रख रहा है और भविष्य में इससे ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन न आए, इसके लिए सावधानी बरत रहा है. 
अमेरिका में क्या हो रहा?
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कोविड बूस्टर वैक्सीन को सिर्फ बुजुर्गों और हाई-रिस्क ग्रुप तक सीमित करने का फैसला किया है. CDC ने मंगलवार को कहा कि अब स्वस्थ बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोविड वैक्सीन की सलाह नहीं दी जाएगी. इस फैसले से कई विशेषज्ञ चिंतित हैं, क्योंकि नया वेरिएंट तेजी से फैल रहा है. साल 2020 से अब तक कोविड-19 और इसके वेरिएंट्स की वजह से अमेरिका में 12 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस नए वेरिएंट ने एक बार फिर लोगों को सतर्क कर दिया है. न्यूयॉर्क शहर में मेट्रो में सफर करने वाले लोग मास्क पहनकर बीमारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. 
भारत में भी अलर्ट!
भारत में अभी तक NB.1.8.1 वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन वैश्विक यात्राओं को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है_ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हमें अपनी निगरानी बढ़ानी चाहिए, खासकर एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग को सख्त करना होगा.  साथ ही, लोगों को मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़ से बचने की सलाह दी जा रही है. कोविड-19 के पिछले अनुभवों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है. 
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