नई दिल्ली. भारतीय टीम 20 जून से इंग्लैंड में 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी. यह एक दशक में पहला मौका होगा जब भारतीय टीम किसी टेस्ट सीरीज के लिए बिना विराट कोहली और रोहित शर्मा के रवाना होगी. विराट और रोहित के अचानक संन्यास से इंग्लैंड में जीतने की भारतीय उम्मीद कम हो गई है. नवजोत सिंह सिद्धू जैसे दिग्गजों को लगता है कि भारत यह सीरीज नहीं जीत पाएगा. दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स का कहना है कि भारत के युवा खिलाड़ियों में इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में कुछ खास हासिल करने की क्षमता है, बशर्ते वे खुद पर भरोसा रखें. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी आगे आए.
25 वर्षीय शुभमन गिल की अगुवाई में भारत अगले महीने से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा. यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का नया चक्र होगा. इस सीरीज में विराट कोहली और रोहित शर्मा के अलावा रविचंद्रन अश्विन और मोहम्मद शमी की भी कमी खलेगी. अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर संन्यास ले लिया था. शमी को फिटनेस कारणों से टीम में नहीं चुना गया है.
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एबी डिविलियर्स ने एनजीओ प्रोजेक्ट मुंबई कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, ‘हां, अब समय आ गया है कि युवा खिलाड़ी आगे आएं। शुभमन गिल जिम्मेदारी लें. भारत में बहुत प्रतिभा है और इसका श्रेय काफी हद तक आईपीएल को जाता है. यह लीग बहुत कम उम्र में ही कुछ युवाओं को अच्छा प्रदर्शन का मौका दे रही है. यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक बेहतरीन मंच है.’
युवाओं को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ने कहा कि इंग्लैंड का दौरा भारत की युवा टीम के लिए कड़ी परीक्षा होगी, लेकिन विश्वास बनाए रखने से उन्हें अनुकूल परिणाम हासिल करने में मदद मिल सकती है. डिविलियर्स ने कहा, ‘उन्हें इंग्लैंड में जिम्मेदारी लेनी होगी. उनके लिए यहां कड़ी परीक्षा होगी लेकिन भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है और अगर वे खुद पर भरोसा रखते हैं तो कुछ खास हासिल कर सकते हैं.’
सौभाग्य से हम कोहली को मैदान पर देखते रहेंगे
कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के संदर्भ में डिविलियर्स ने कहा, ‘उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी. मुझे लगता है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है. सौभाग्य से, हम उन्हें अब भी क्रिकेट के मैदान पर देखेंगे. टेस्ट मैचों में उनकी कमी खलेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन वह टेस्ट क्रिकेट में महान विरासत छोड़ गए हैं.’