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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक लावारिस शव को बेहद अमानवीय तरीके से श्मशान घाट तक ले जाया गया. यह घटना झांसी के बड़ागांव गेट के बाहर स्थित मुक्तिधाम की बताई जा रही है.
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एम्बुलेंस चालक अकेला ही शव को मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस से अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पहुंचाता है. जब वहां कोई मदद के लिए नहीं आता, तो वह शव को पीठ पर इस तरह लादता है कि उसका सिर नीचे और पैर ऊपर लटकते रहते हैं. करीब 50 मीटर तक वह शव को इसी तरह ढोकर श्मशान तक ले जाता है.
पीठ पर लादकर शव को श्मशान घाट लाया ड्राइवर
बताया गया कि शव लावारिस था और कोई उसका अंतिम संस्कार करने के लिए आगे नहीं आया. एम्बुलेंस चालक मुकेश यादव का कहना है कि जब चार लोग नहीं मिलते और शव सड़ने लगता है, तो वो खुद अंतिम संस्कार कर देते हैं.
जब इस मामले में पोस्टमार्टम हाउस के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस को सौंप दिया जाता है. इसके बाद जिम्मेदारी पुलिस की होती है.
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
लोगों ने वायरल वीडियो देखकर सिस्टम और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं कि आखिर लावारिस शवों की जिम्मेदारी किसकी है और क्यों इस तरह का अमानवीय दृश्य सामने आया.
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