ऑपरेशन सिंदूर को वैश्विक समर्थन – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar – nayaindia.com

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन भारत के पक्ष में रहा, और संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से केवल पाकिस्तान और तीन अन्य देशों ने विरोध दर्ज किया। उन्होंने विपक्ष के उस दावे को खारिज किया कि भारत को विदेश नीति मोर्चे पर पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर लोकसभा में हुई विशेष चर्चा में भाग लेते हुए जयशंकर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देना आवश्यक था। जयशंकर ने कहा कि भारत ने न केवल सैन्य प्रतिक्रिया दी, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सिंधु जल संधि के स्थगन और अटारी सीमा को अस्थायी रूप से बंद करने जैसे कदमों का उल्लेख किया और कहा कि
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान की सदस्यता के कारण भारत के लिए समर्थन जुटाना कठिन था, फिर भी 25 अप्रैल के सुरक्षा परिषद बयान में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसे जयशंकर ने “कड़े शब्दों वाला असाधारण बयान” बताया।
जयशंकर ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के 193 में से पाकिस्तान के अलावा सिर्फ तीन देशों ने ही ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। भारत ने न किसी मध्यस्थता को स्वीकार किया, न किसी परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे झुका।” उन्होंने बताया कि “10 मई को पाकिस्तान की ओर से कई फोन कॉल आए और संघर्षविराम की इच्छा ज़ाहिर की गई। हमने कहा कि इस प्रस्ताव को डीजीएमओ के माध्यम से औपचारिक रूप से भेजा जाए।”
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघर्षविराम में भूमिका के दावे को लेकर जयशंकर ने कहा, “22 अप्रैल से 17 जून के बीच प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हुआ।” “दुर्भाग्य है कि विपक्ष भारत के विदेश मंत्री पर विश्वास नहीं करता, लेकिन दूसरे देशों के बयानों पर विश्वास करता है। इसीलिए वे विपक्ष में हैं और आगे भी 20 साल तक वहीं रहेंगे।”
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