Bulldozer Action on AIMIM Leader House: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM पार्षद मतीन पटेल का घर, नगर निगम ने अवैध निर्माण बताकर गिरा दिया. आरोप है कि उन्होंने नासिक मामले की आरोपी निदा खान को पनाह दी थी. इस कार्रवाई के दौरान मतीन के परिवार और AIMIM के नेताओं का अनोका विरोध देखने को मिला, जो चर्चा विषय बना हुआ है.
Trending Photos
Maharashtra News in Hindi: महाराष्ट्र में महायुति की देवेंद्र फडणवीस सरकार की ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्षद के खिलाफ की गई बुलडोजर कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM के पार्षद मतीन पटेल का घर गिराए जाने के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है.
मतीन पटेल पर आरोप है कि नासिक टीसीएस मामले में फरार चल रही निदा खान को उन्होंने अपने घर में पनाह दी थी. इसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए उनके मकान को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया. हालांकि AIMIM नेताओं ने इस पूरी कार्रवाई को जल्दबाजी और नाइंसाफी करार दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, नासिक पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से निदा खान को शहर से गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि AIMIM पार्षद मतील पटेल ने निदा खान को अपने घर में पनाह दी थी. इसके बाद नगर निगम हरकत में आया और मतीन पटेल को नोटिस जारी कर मकान की मिल्कियत और कंस्ट्रक्शन परमिशन से जुड़े दस्तावेज जमा कराने को कहा.
नगर निगम की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया था कि अगर तीन दिन के भीतर जरूरी कागजात पेश नहीं किए गए तो मकान को गिरा दिया जाएगा. तय समय के भीतर कोई जवाब नहीं मिलने पर नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी विभाग की टीम बुधवार सुबह नारीगांव पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी.
सुबह होते ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि कार्रवाई के दौरान कोई विरोध प्रदर्शन न हो सके. नगर निगम की टीम ने मकान को गिराना शुरू कर दिया और देखते ही देखते घर का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया. इस कार्रवाई ने इलाके में हलचल मचा दी.
हालांकि इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. आमतौर पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान लोग विरोध करते हैं, लेकिन यहां मतीन पटेल के परिवार और समर्थकों ने “गांधीगिरी” का रास्ता अपनाया. जब नगर निगम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो परिवार के लोगों ने उन पर फूल बरसाए और फूल देकर स्वागत किया. इस अनोखे तरीके ने सभी का ध्यान खींचा.
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त संतोष वाहुल ने कहा कि पूरी कार्रवाई कानून के तहत की गई है. संतोष वाहुल के मुताबिक तीन दिन पहले ही नोटिस जारी किया गया था और तय समय बीत जाने के बाद नियमों के मकानों को बुलडोजर से तोड़ा गया.
दूसरी ओर AIMIM नेताओं ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया. विपक्ष के नेता समीर बिल्डर ने कहा कि आमतौर पर ऐसे मामलों में लोगों को जवाब देने और दस्तावेज जमा करने के लिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाता है, लेकिन यहां सिर्फ तीन दिन की मोहलत देकर घर गिरा दिया गया.
इससे पहले मंगलवार रात नगर निगम ने संकेत दे दिए थे कि बुधवार सुबह कार्रवाई हो सकती है. इसके बाद AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे नगर निगम की टीम का विरोध न करें और शांतिपूर्वक मदद करें.
बुधवार सुबह जब नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता नारीगांव पहुंचा तो मतीन पटेल के घर के बाहर उनके दोस्त और समर्थक पहले से मौजूद थे. उन्होंने अधिकारियों पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया. कार्रवाई के बीच यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बन गया.
रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू…और पढ़ें
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.