Bhagalpur News: नवगछिया, निज संवाददाता। गरीबों का मसीहा कहे जाने वाले सेवानिवृत्त चिकित्सक एवं पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र के पिता डॉ. के.एन. सिंह के निधन से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार की सुबह करीब नौ बजे 81 वर्ष की आयु में खरीक के तेलघी स्थित अपने निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वे इलाके के प्रसिद्ध जनरल फिजिशियन थे। वे अपने पीछे तीन पुत्र छोड़ गए हैं, जिनमें बड़े पुत्र ई. शैलेन्द्र वर्तमान में बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री हैं, दूसरे डॉ. शंभू कुमार दिल्ली में चिकित्सक हैं तथा तीसरे कुमार मणि मधुकर उर्फ बंटी संवेदक हैं। 20 रुपये में गरीबों का इलाज करते थे
डॉ. के.एन. सिंह 31 जनवरी 2004 को गोपालगंज सिविल सर्जन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद वे अपने पैतृक गांव में रहने लगे। उन्होंने खरीक बाजार में एक सामान्य क्लिनिक खोलकर गरीबों और असहायों का इलाज शुरू कर दिया। वे मात्र 20 रुपये फीस लेकर मरीजों का इलाज करते थे, जिसके कारण गरीब उन्हें मसीहा समझते थे।
कोरोना काल में किया गरीबों का मुफ्त इलाज
कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों का मुफ्त इलाज किया। वर्तमान महंगाई के दौर में भी उनकी फीस मात्र 100 रुपये थी और वे गरीब मरीजों को मुफ्त चिकित्सा देते थे। मरीजों के प्रति उनका इतना लगाव था कि वे स्वयं अस्वस्थ रहने के बावजूद इलाज करते थे। पिछले दो वर्षों से वे अस्वस्थ चल रहे थे।
नवगछिया एसडीओ के. परीक्षित, डीसीएलआर शैलेन्द्र सिंह, खरीक सीओ प्रवीण कुमार वत्स, बीडीओ मोना कुमारी सोनी, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार, सीएचसी प्रभारी डॉ. सुजीत कुमार, इंटर स्कूल खरीक के एचएम सत्यजीत कुमार, जिला पार्षद अध्यक्ष विपिन मंडल समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता-कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, सांसद अजय मंडल, डीएम अलंकृता पांडेय, पूर्व विधायक प्रत्याशी अर्पणा कुमारी, भाजपा नेत्री डॉ. प्रीति शेखर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद मंडल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुक्तिनाथ सिंह, पूर्व महामंत्री मनोज पांडे समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play