देश की विभिन्न विपक्षी पार्टियों के सांसद, जिनमें असदुद्दीन ओवैसी, शशि थरूर और अभिषेक बेनर्जी शामिल हैं, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्य के तौर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहे हैं। बहरीन, कुवैत, अमेरिका, टोक्यो और सियोल जैसे देशों में इन नेताओं ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा; कुवैत में ओवैसी ने पाकिस्तान द्वारा एक चीनी सैन्य अभ्यास की तस्वीर को भारत पर अपनी जीत के रूप में पेश करने पर कहा, “नक़ल करने के लिए अकल भी चाहिए इन नालाखों को अकल भी नहीं।” पहलगाम आतंकी हमले के बाद, ये नेता, जो सामान्यतः केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं, राष्ट्रीय हित में सरकार के साथ खड़े होकर पाकिस्तान को जवाब दे रहे हैं।
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