बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को पूरे राज्य का समर्थन हासिल है। केंद्र सरकार ने इस अधिनियम को लागू करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का समर्थन करते हुए कहा कि इस बिल का विरोध करने वाले दलों पर महिलाएं नजर रख रही हैं और उन्हें जल्द ही इसका जवाब मिलेगा। दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह विधेयक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।
बिहार में मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के दो दिन बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के विधायक माधव आनंद ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की व्यापक समीक्षा की मांग बृहस्पतिवार को दोहराई और इसके लिए राजस्व के नुकसान का हवाला दिया।
बिहार निषेध एवं उत्पाद अधिनियम-2016, जो नीतीश नीत पिछली सरकार की प्रमुख नीतियों में से एक है, राज्य में शराब और अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है।आनंद ने कहा, “बिहार जैसे भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) राज्य, जहां राजस्व की कमी है, वहां सरकार ने पिछले 10 वर्षों तक शराबबंदी कानून को बनाए रखने में पर्याप्त साहस दिखाया है।”
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, खरौना डीह, मुजफ्फरपुर में आयोजित पटना संभाग स्तरीय तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। 14 से 16 अप्रैल तक चले इस आयोजन में बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्लस्टरों से आए लगभग 350 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान पूरे परिसर में उत्साह, प्रतिस्पर्धा और ऊर्जा का माहौल बना रहा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं विशिष्ट अतिथि उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर भारी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
बिहार में आज से जनगणना 2027 शुरू होने चुकी है। पहले चरण में लोग घर बैठे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन देंगे। पहले चरण में स्व-गणना का कार्य एक मई तक चलेगा। बिहार में जनगणना 2027 में पहले 15 दिनों तक लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपने परिवार और घर की जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर पहुंचकर दर्ज जानकारी की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। इस पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम और परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नागरिकों को 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। स्व-गणना के लिए प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए ‘जीविका दीदियों’ की मदद ली जाएगी।