नेपाल में बाढ़ की स्थिति के कारण जटही और जनकपुर से काठमांडू-पोखरा जाने वाली बस सेवा बंद हो गई है। …और पढ़ें
जटही भंसार कार्यालय पर नगण्य है यात्रियों की संख्या। जागरण
बाढ़ के कारण जटही-जनकपुर से काठमांडू बस सेवा बंद।
त्रिशूली नदी के पास असामान्य हालात, यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता।
भारत से नेपाल पर्यटकों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित।
संवाद सहयोगी, हरलाखी (मधुबनी)। नेपाल में बाढ़ की स्थिति ने पर्यटकों की आवाजाही पर सीधा असर डाला है। जनकपुर होकर काठमांडू और पोखरा जाने वाले सैलानियों की संख्या बीते दो दिनों में शून्य हो गई है।
जटही और जनकपुर से काठमांडू की ओर जाने वाली बस सेवा पूरी तरह बंद हो गई है। त्रिशूली नदी के आसपास बने असामान्य हालात को देखते हुए बस संचालकों ने इस मार्ग पर परिचालन रोक दिया है। इसका असर भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों और निजी वाहनों की आवाजाही पर भी दिख रहा है।
जटही स्थित ट्रेवल एजेंसी के इंचार्ज दिलीप झा ने बताया कि स्थिति सामान्य रहने पर जटही और जनकपुर से प्रतिदिन करीब 40 से 45 बसें काठमांडू और पोखरा के लिए रवाना होती थीं।
प्रत्येक बस में करीब 40 सैलानी सफर करते थे। इस हिसाब से रोज बड़ी संख्या में पर्यटक इन दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए जाते थे। बीते दो दिनों से बसों का परिचालन पूरी तरह बंद है।
काठमांडू जाने वाली बसें त्रिशूली नदी के किनारे से होकर गुजरती हैं। बीते दो दिनों से नदी क्षेत्र में स्थिति असामान्य बनी हुई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए काठमांडू और पोखरा मार्ग पर बस सेवा रोक दी गई है। इससे पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है।
नेपाल के जटही भंसार पर पदस्थापित सूचना अधिकारी राजकुमार ग्यावा ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से पहले प्रतिदिन करीब 200 निजी वाहनों का भंसार कटता था। अब बीते दो दिनों से यह संख्या घटकर 50 से 100 के बीच रह गई है।
वर्तमान में भारत से जाने वाले सैलानी जनकपुरधाम और आसपास के क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। काठमांडू और पोखरा की ओर जाने वाली बस सेवा बंद होने से आगे की यात्रा पर विराम लग गया है। नेपाल में स्थिति सामान्य होने तक पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित रहने की आशंका है।