BOB Card (Photo – Social Media)
BOB Card Eyes Top Five by 2027: BOB कार्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनी, डिजिटल ऑनबोर्डिंग, को-ब्रांडेड पार्टनरशिप और भारत-केंद्रित विस्तार पर जोर दे रही है। पिछले पांच सालों में कंपनी ने खुद को एक डिजिटल रूप से सक्षम NBFC में बदल लिया है। अब इसका ध्यान ग्राहक-केंद्रित नवाचार, सुरक्षित जोखिम प्रबंधन और आसान डिजिटल ऑनबोर्डिंग पर है। ऐप और नए उत्पाद इस बदलाव को दर्शाते हैं। कंपनी टियर 2 और 3 शहरों समेत अधिकतर पिनकोड में उपलब्ध है और रक्षा व पुलिस को-ब्रांडेड कार्ड जैसी साझेदारियों के जरिए समावेशी सेवाएँ प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी युवाओं और मिलेनियल्स को आकर्षित करने के लिए नए डिजिटल समाधान और विशेष ऑफ़र भी पेश कर रही है।
पनी ने Tiara और Eterna जैसे नए कार्ड लॉन्च किए हैं। UNI के साथ को-ब्रांडेड साझेदारी कार्ड जारी करने में मदद कर रही है। डिजिटल ऑनबोर्डिंग इस योजना का मुख्य हिस्सा है, जिससे युवा ग्राहक और छोटे शहरों में लोग आसानी से कार्ड ले पा रहे हैं। हर कार्ड पर औसत खर्च लगभग 15,000 रुपये है। अब ग्राहकों में 60 का हिस्सा अपने काम करने वाले लोग हैं और 40 का हिस्सा नौकरी करने वाले लोग हैं। कंपनी मिलेनियल्स और Gen Z को डिजिटल माध्यम से जोड़ रही है।
वर्तमान में BOB कार्ड के पास 34 लाख कार्ड हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले दो सालों में इसे दोगुना कर 70 लाख कार्ड तक पहुँचाना है। ऐसा होने पर BOB कार्ड भारत के टॉप पांच क्रेडिट कार्ड इश्यूअर्स में शामिल हो जाएगा। कंपनी पिछले तीन साल से मुनाफा कमा रही है। इसके ऑफर आसान और समय समय पर बदलते रहते हैं। आमतौर पर 18 से 24 महीने में ब्रेक ईवन हो जाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा की योजना है कि अगले दो सालों में BOB कार्ड को लिस्ट किया जाए और इसके लिए कंपनी लगातार स्थिर और लाभप्रद बढ़ोतरी पर काम कर रही है।
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