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Union Budget 2026 LIVE News Updates: संसद के बजट सत्र का आगाज हो गया है। सुबह 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद को दोनों सत्रों को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार दलित, गरीबों के लिए काम कर रही है। सरकार ने VB G और RAM G कानून बनाया। सालभर में 7 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनीं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से भारत सेना का शौर्य दिखा।अब वित्त मंत्री सीतारमण कल यानी 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी और एक फरवरी को बजट आएगा।
28 जनवरी से बजट सत्र शुरू
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आगाज हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह 11:00 बजे संसद को दोनों सत्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंफ्रा सेक्टर में देश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। स्पेस सेक्टर में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। जीएसटी में सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार दलित, गरीबों के लिए काम कर रही है। सरकार ने VB G और RAM G कानून बनाया। सालभर में 7 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनीं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से भारत सेना का शौर्य दिखा।
इसके बाद वित्त मंत्री सीतारमण कल यानी 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी और एक फरवरी को बजट आएगा। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था उथल-पुथल में है, भारत को अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है, और रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92 पर पहुंच गया है।
ऐसे में कठिन वैश्विक परिस्थितियों में अर्थव्यवस्था को संभालने, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने का दर्जा बरकरार रखने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए बजट 2026 पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वहीं, आम बजट को लेकर देशवासियों की 10 बड़ी उम्मीदें भी हैं।
जीतो इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन फाउंडेशन के चेयरमैन जीनेंद्र भंडारी ने कहा, “स्टार्टअप्स के लिए, खासकर इनोवेशन पर आधारित वेंचर्स के लिए, फोकस पेशेंट रिस्क कैपिटल को अनलॉक करने, इनक्यूबेशन और एक्सेलरेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने और R&D से जुड़े इंसेंटिव्स का विस्तार करने पर होना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स, क्लाइमेट टेक और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक सेक्टर्स में एक टारगेटेड पुश भारत को सिर्फ एक कंजम्पशन-ड्रिवन इकोनॉमी के बजाय एक ग्लोबल इनोवेशन लीडर के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।”
Union Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश होगा, लेकिन उससे पहले कल यानी 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश होगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन 29 जनवरी को सुबह 11 बजे संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश करेंगे। आज से बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। अब कल सभी की निगाहें ‘आर्थिक सर्वेक्षण 2026’ पर रहेगी।
Union Budget 2026: राष्ट्रपति ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद काफी सशक्त हुई है। विभिन्न वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।” उल्लेखनीय है कि देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अनुमान से अधिक 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो पिछले डेढ़ साल में सबसे अधिक है।”
Union Budget 2026 Live: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत हुई है और सरकार की नीतियों के चलते नागरिकों की आय भी बढ़ी है। राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पूरी होना भारत के विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्रों को गति देगा और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेगा।
RBI के पूर्व गवर्नर दुव्वुरी सुब्बाराव FM को लिखे पत्र में कहा, “एक शुरुआती चेतावनी जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, वह है कैपिटल आउटफ्लो यानी विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकाल रहे हैं, जिसके पीछे कई कारण हैं। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में उच्च ब्याज दरें और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में बढ़ते निवेश का आकर्षण, पूंजी को भारत से दूर खींच रहा है।”
बजट से पहले भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर दुव्वुरी सुब्बाराव (Duvvuri Subbarao Letter to FM) ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर एक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कैपिटल गैन टैक्स में बार-बार किए गए बदलावों ने सरकार की नीति की विश्वसनीयता को कमजोर किया है।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की टिप्पणियां लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए देश के रणनीतिक प्रयासों को रेखांकित करती हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों, हरित ऊर्जा, रक्षा एवं उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। एनसीएमएम का उद्देश्य भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों को विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज संपदाओं का अधिग्रहण करने और संसाधन संपन्न देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह देश के भीतर महत्वपूर्ण खनिजों का भंडार विकसित करने का भी प्रस्ताव करता है। महत्वपूर्ण खनिज किसी देश की आर्थिक वृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं और इनकी अनुपलब्धता या कुछ ही भौगोलिक स्थानों में इनका संकेंद्रण आपूर्ति श्रृंखला में कमजोरियों का कारण बन सकता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार सेमीकंडक्टर के अलावा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में ‘मिशन मोड’ पर काम कर रही है। राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का मकसद इन खनिजों के लिए अन्य देशों पर निर्भरता को कम करना है। सरकार ने पिछले साल देश के भीतर एवं अपतटीय स्थानों पर महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को बढ़ावा देने के लिए 16,300 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) को मंजूरी दी थी। संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ चिप के अलावा एक और प्रमुख क्षेत्र है जिसके लिए मेरी सरकार ने ‘मिशन मोड’ में काम करना शुरू कर दिया है।
बजट 2026 से पहले देश के केमिकल उद्योग ने सरकार से कई अहम उम्मीदें जताई हैं। डाई और पिगमेंट बनाने वाली कंपनी विपुल ऑर्गेनिक्स लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाह का मानना है कि पिछले कुछ सालों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिली लगातार नीति समर्थन से भारत का केमिकल उद्योग मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, दुनिया भर की कंपनियां अब सप्लाई के लिए सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। ऐसे में भारत के पास बड़ा मौका है कि वह ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत करे। डाई और पिगमेंट जैसे स्पेशलिटी केमिकल्स में भारत की स्थिति पहले से बेहतर हो रही है।
उनका कहना है कि बजट में केमिकल पार्क्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही पर्यावरण मंजूरियों (Environmental Clearances) की प्रक्रिया तेज होनी चाहिए, ताकि नई फैक्ट्रियां और प्रोजेक्ट जल्दी शुरू हो सकें। देश के अंदर और निर्यात के लिए सामान की ढुलाई आसान और सस्ती बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स सुधार भी बेहद जरूरी हैं।
केमिकल उद्योग में भारी निवेश लगता है। ऐसे में कंपनियों को लंबी अवधि के लिए सस्ती दर पर पूंजी (Long-term Capital) मिलना बहुत जरूरी है। इससे टेक्नोलॉजी अपग्रेड, सुरक्षा मानकों और आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम में निवेश आसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश में ही जरूरी कच्चे माल (Key Intermediates) का उत्पादन बढ़ाया जाए, तो आयात पर निर्भरता घटेगी और भारत में ही ज्यादा वैल्यू एडिशन होगा।
विदेशी ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 6 फरवरी को अपनी अगली मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू में मुख्य रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की और कटौती करेगा, जो मौजूदा नरमी के दौर में आखिरी कटौती होने की उम्मीद है।
बैंक ऑफ अमेरिका के इकोनॉमिस्ट्स ने एक नोट में कहा, “…हमारा मानना है कि RBI आगे की महंगाई दर के कम रहने और ग्रोथ में नरमी आने की संभावना के आधार पर इंटरेस्ट रेट्स में नरमी जारी रख सकता है।”
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि उसे रुपये में कमजोरी रेट कटिंग साइकिल के लिए कोई बड़ी समस्या नहीं लग रही है। ग्रोथ के आउटलुक में “अनिश्चितता” है और RBI पॉलिसी स्पेस का इस्तेमाल करके रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत तक नीचे ला सकता है। इसमें 0.25 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है।
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राष्ट्रपति ने अभिभाषण के दौरान कहा कि भारत में 4 करोड़ गरीबों के पक्के घर पिछले 10 सालों में बने हैं। चावल उत्पादन में भारत ने सबको पछाड़ा दिया है, जबकि मछली उत्पादन में भारत दूसरे नंबर पर आ गया है। स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत ने काफी तरकक्की की है।
बजट अभिषाष के दौरान राष्ट्रपति ने कहा 2014 की शुरुआत में, सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक पहुंची थीं, और अब 95 करोड़ भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा मिल रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल के वर्षों में भारत में रेलवे और इंफ्रा सेक्टर में हुई तरक्की की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में देश का सबसे ऊंचा ब्रिज बनाया गया, जम्मू कश्मीर से केरल तक 150 से ज्यादा वंदे भारत का नेटवर्क खड़ा हो चुका है। साथ ही पू्वोत्तर में आइजोल को रेल मार्ग से जोड़ना एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर की शुरूआत भी एक बड़ी उपलब्धि है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज वैश्विक समीकरण बदल रहे हैं, और ऐसे हालात में हम मजबूत विदेश नीति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया की गूंज पूरी दुनिया में है व भारत ने दुनिया में एक सेतु की भूमिका निभाई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश की बेहतर रक्षा व्यवस्था के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर काम जारी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त किया, और पूरी दुनिया ने सेना के शौर्य को देखा।
संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में जबरदस्त विकास कर रहा है। सरकार ने 4 और सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी गई। शिपिंग सेक्टर को 70000 करोड़ का ऐतिहासिक पैकेज दिया गया। 20 लाख से ज्यादा कारीगरों को ट्रेनिंग दी गई। आज भारत में 2 लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। रोजगार मेले के जरिए लाखों युवाओं को नौकरी मिली है।
संसद के बजट अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार दलित, गरीबों के लिए काम कर रही है। सरकार ने VB G और RAM G कानून बनाया। सालभर में 7 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनीं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से भारत सेना का शौर्य दिखा।
बजट सत्र की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने संसद के दोनों सत्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंफ्रा सेक्टर में देश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। स्पेस सेक्टर में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। जीएसटी में सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।
आम बजट 2026 से करोड़ों देशवासियों और उद्योग जगत को 10 बड़ी उम्मीदें है, जिनके एलान से उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है। इन 10 बड़ी उम्मीदों में डिफेंस, रेलवे, इंफ्रा, एक्सपोर्ट सेक्टर, ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, खपत, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, रियल एस्टेट और केमिकम फर्टिलाइजर जैसे सेक्टर के लिए अहम घोषणाओं का इंतजार है।
देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स सरकार से प्रत्यक्ष कर कानूनों के तहत विवाद समाधान सिस्टम में बड़े सुधार की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें अपीलों के निपटारे के लिए अनिवार्य समयसीमा का निर्धारण भी शामिल है। इसके अलावा, आयकर ढांचे के तहत सेफ हार्बर नियमों में संशोधन और जीएसटी चालान मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार उन प्रमुख बिंदुओं में से हैं जिनकी हितधारकों को बजट 2026 से उम्मीद है।
हर बार की तरह इस बार भी बजट को लेकर सबसे बड़ी उम्मीद, इनकम टैक्स के मोर्चे पर है। हालांकि, सरकार पिछले साल आयकर और जीएसटी दरों में राहत दे चुकी है, लेकिन बजट से पहले हुए कुछ सर्वेक्षण से पता चलता है कि हितधारक आगे और सुधारों और कर प्रोत्साहनों की उम्मीद कर रहे हैं। एक प्रमुख अपेक्षा प्रत्यक्ष कर कानूनों के तहत विवाद समाधान तंत्र में व्यापक सुधार है, जिसमें अपीलों के निपटान के लिए अनिवार्य समयसीमा का निर्धारण शामिल है।