Delhi CJP Protest News Live Updates: सीजेपी के आज फिर जंतर-मंतर पर बड़े प्रोटेस्ट के एलान के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया था लेकिन, कोर्ट ने तीनों को रिहा कर दिया। पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को छोड़ दिया है। CJP के प्रदर्शन का पल-पल का अपडेट जानने के लिए जुड़े रहें दैनिक जागरण के साथ-
सीजेपी प्रोटेस्ट से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CJP Protest Delhi Live: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आज रविवार को फिर से जंतर-मंतर पर बड़े प्रोटेस्ट का एलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में रविवार को सीजेपी प्रोटेस्ट से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
उधर, सीजेपी के तीनों बड़े नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की कोर्ट ने रिहा कर दिया है।
आज रविवार सुबह से अब तक नई दिल्ली जिले में प्रदर्शन के लिए आने वाले 60 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें कोई भी छात्र शामिल नहीं है, ये सभी सीजेपी और आप के समर्थक हैं।
शनिवार को दिल्ली में किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और तोड़फोड़ के मामले में दिल्ली पुलिस ने 20 एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली के अलग-अलग जिले में ये एफआईआर दर्ज की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा रविवार को भी जंतर-मंतर पर बड़े प्रोटेस्ट के एलान के बाद कुछ प्रदर्शनकारी पहुंचे, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में सीपीआई (M) सांसद जॉन ब्रिटास भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने किसी को भी प्रदर्शन नहीं करने दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने शांति से प्रदर्शन करने वालों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में न लेने, मेट्रो और रेल सर्विस नॉर्मल रखने, इंटरनेट बिना किसी रुकावट के चलाने का निर्देश दिया है। ये निर्देश किसी भी कानून और व्यवस्था की स्थिति पर निर्भर हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और उस दौरान बने हालात को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के प्रोटेस्ट से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से कहा कि पूरी राजधानी से बैरिकेडिंग हटाए जाए। कोर्ट ने कहा कि बैरिकेडिंग की समीक्षा की जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई मंगलवार को करेगा।
राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह एक अंतरिम आदेश जारी करेगा, जिसमें मेट्रो सर्विस को सामान्य रूप से काम करने, इंटरनेट सर्विस को फिर से शुरू करने, लोगों की आवाजाही पर रोक न लगाने और वकीलों को कानून-व्यवस्था की स्थिति के आधार पर अपने पेशेवर काम करने की अनुमति देने का निर्देश दिया जाएगा।
पुलिस प्रवक्ता राजीव रंजन का कहना है कि शनिवार को पूरी दिल्ली में वामपंथी संगठनों और आम आदमी पार्टी ने भी पूरी ताकत झोंक दी थी। जगह-जगह प्रदर्शन कर पुलिस के कार्यों में बाधा पहुंचाने की कोशिश की थी, जिससे पुलिस को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अब केवल सीजेपी द्वारा दोबारा कॉल साइन देने से उनसे बेहद आसानी से निपटा जा सकेगा।
शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए वकील महमूद प्राचा से जुड़े करीब 50 वकीलों को यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में रखा था। उन्हें शनिवार रात जब छोड़ दिया गया तो वे लोग अपने-अपने घर जाने को तैयार नहीं हुए। उन लोगों ने वहां रहकर प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया। पुलिस ने रात 3 बजे सभी को घर भेज दिया।
सीजेपी का कोई भी कार्यकर्ता सुबह से अभी तक जंतर-मंतर नहीं पहुंचा है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बैरिकेंडिग कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और नेता सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उनकी रिहाई के आदेश दिए गए।
सीजेपी के तीनों शीर्ष नेताओं को शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिए जाने पर सीजेपी ने देर रात अपने समर्थकों को रविवार को भी जंतर-मंतर आने का कॉल साइन दिया था।
CJP के तीनों बड़े नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस भी दर्ज किया।
यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले गुरुग्राम पुलिस ने हिरासत में लिया था। पूरे दिन हिरासत में रहने के बाद देर रात उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन जंतर-मंतर जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।