Diwali: अमावस्या कब से कब तक? दिवाली की तारीख का सस्पेंस खत्म, नोट कर लें लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त – Bharat24live

Rashmi Singh
Date: 27-10-26 14:30
Diwali 2026: रोशनी, खुशियों और मां लक्ष्मी की आराधना का पर्व दिवाली नजदीक आ रहा है. इस दिन घरों में दीपक जलाने, रंगोली बनाने और गणेश-लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है. दिवाली को लेकर इस बार लोगों के मन में तारीख को लेकर सवाल हैं कि आखिर दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी या 9 नवंबर को. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की तिथि 8 नवंबर को शुरू होकर 9 नवंबर की दोपहर तक रहेगी. ऐसे में दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 8 नवंबर की शाम को है. आइए जानते हैं दिवाली की सही तारीख, पूजा का समय, विधि और धनतेरस से भाई दूज तक के त्योहारों का पूरा कैलेंडर.
दिवाली 2026 कब मनाई जाएगी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. साल 2026 में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी. चूंकि 8 नवंबर की शाम को अमावस्या तिथि के दौरान प्रदोष काल रहेगा, इसलिए इस दिन दीपावली और लक्ष्मी पूजा की जाएगी. इस बार दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी.
दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ समय का विशेष महत्व माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, दिल्ली में 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. इसकी अवधि 1 घंटा 56 मिनट है. यह समय प्रदोष काल और वृषभ काल के संयोग में पड़ता है, जिसे लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ माना जाता है. दूसरे शहरों में सूर्यास्त और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि जरूर करें.
दिवाली पर कैसे करें मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा?
दिवाली के दिन सबसे पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें. शाम को पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित करें. इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण करते हुए पूजा शुरू करें और मां लक्ष्मी को फूल, रोली, अक्षत तथा मिठाई अर्पित करें. धूप-दीप जलाकर दोनों देवी-देवताओं की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना करें.
पूजा पूरी होने के बाद घर के मुख्य दरवाजे, आंगन और अन्य उपयुक्त स्थानों पर दीपक जलाएं. दीपों से घर सजाने के साथ रंगोली बनाने की भी परंपरा है. दीपक हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें पर्दों, कागज या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें. घर में बच्चे हों, तो जलते दीपकों के आसपास विशेष सावधानी बरतें.
दिवाली क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद अयोध्या लौटे थे. उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. इसी परंपरा को दीपावली से जोड़कर देखा जाता है. दिवाली को अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है.
इस पर्व पर मां लक्ष्मी की पूजा धन, वैभव और समृद्धि की कामना से की जाती है, जबकि भगवान गणेश को बुद्धि, शुभता और नई शुरुआत का प्रतीक मानकर पूजा जाता है. लोग अपने घरों के साथ दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी लक्ष्मी-गणेश पूजन करते हैं. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
धनतेरस से भाई दूज तक कब-कब मनाए जाएंगे त्योहार?
दिवाली का उत्सव केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहता. धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं. साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को पड़ेगी. काली चौदस 7 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी, जबकि दिवाली और लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर, रविवार को होगी. इसके बाद गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को और भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी. इन त्योहारों के दौरान घरों की सजावट, पूजा-पाठ, दीपदान और परिवार के साथ समय बिताने का विशेष महत्व होता है. अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ धार्मिक परंपराओं और तिथियों के पालन में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार जानकारी लेना बेहतर रहेगा.
ये भी पढ़ें- नवंबर में बुध-शुक्र होंगे मार्गी, जबकि मंगल और सूर्य करेंगे राशि परिवर्तन, जानें सभी 12 राशियों का हाल
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News