Gudi Padwa 2026: 19 या 20 मार्च, कब है गुड़ी पड़वा? जानें मराठी नववर्ष की सही तिथि और दिनभर के शुभ मुहूर्त – News24 Hindi

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Gudi Padwa 2026 Kab Hai: मराठी और कोंकणी हिंदुओं के लिए गुड़ी पड़वा के पर्व का खास महत्व है, जो कि हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा यानी मराठी नववर्ष के पहले दिन का आरम्भ तेल-स्नान से होता है, जिस दौरान सुबह जल्दी उठकर शरीर पर तिल या अन्य सुगंधित तेल की मालिश की जाती है. फिर नए कपड़े पहनकर घर के मुख्य द्वार पर ‘गुड़ी’ फहराते हैं और उसकी पूजा-आरती करते हैं. इसके बाद नीम के पत्ते और गुड़ का प्रसाद ग्रहण किया जाता है. हालांकि, शाम में पूजा करने के बाद गुड़ी को उतारकर शुद्ध जगह पर रख दिया जाता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन घर में गुड़ी की पूजा करने से घर वालों के जीवन में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का आगमन होता है. साथ ही स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है. चलिए अब जानते हैं साल 2026 में किस दिन गुड़ी पड़वा है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 19 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 52 मिनट से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 20 मार्च 2026 की सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में 19 मार्च 2026, वार बृहस्पतिवार को गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाएगा. साथ ही मराठी शक सम्वत 1948 का आरंभ होगा.
ये भी पढ़ें- Shukra Gochar: 27 अप्रैल को शुक्र गोचर से बदलेंगे 4 राशियों के दिन, पैसों से अकाउंट और खुशियों से घर भरा रहेगा
बता दें कि गुड़ी पड़वा के दिन से ही हिंदू नववर्ष, विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है, जिसकी धूम विशेषतौर पर महाराष्ट्र और गोवा में देखने को मिलती है. हालांकि, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस पर्व को उगादी के रूप में मनाया जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Gudi Padwa 2026 Kab Hai: मराठी और कोंकणी हिंदुओं के लिए गुड़ी पड़वा के पर्व का खास महत्व है, जो कि हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा यानी मराठी नववर्ष के पहले दिन का आरम्भ तेल-स्नान से होता है, जिस दौरान सुबह जल्दी उठकर शरीर पर तिल या अन्य सुगंधित तेल की मालिश की जाती है. फिर नए कपड़े पहनकर घर के मुख्य द्वार पर ‘गुड़ी’ फहराते हैं और उसकी पूजा-आरती करते हैं. इसके बाद नीम के पत्ते और गुड़ का प्रसाद ग्रहण किया जाता है. हालांकि, शाम में पूजा करने के बाद गुड़ी को उतारकर शुद्ध जगह पर रख दिया जाता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन घर में गुड़ी की पूजा करने से घर वालों के जीवन में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का आगमन होता है. साथ ही स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है. चलिए अब जानते हैं साल 2026 में किस दिन गुड़ी पड़वा है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 19 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 52 मिनट से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 20 मार्च 2026 की सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में 19 मार्च 2026, वार बृहस्पतिवार को गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाएगा. साथ ही मराठी शक सम्वत 1948 का आरंभ होगा.
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बता दें कि गुड़ी पड़वा के दिन से ही हिंदू नववर्ष, विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है, जिसकी धूम विशेषतौर पर महाराष्ट्र और गोवा में देखने को मिलती है. हालांकि, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस पर्व को उगादी के रूप में मनाया जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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