IND vs SL : ऋषभ पंत की फिर इंजरी और फिर मैदान से बाहर! आखिर कंधे पर लगी गेंद के बाद क्या हुआ? कोच ने बताई पूरी कहानी – Aaj Tak News

टीम इंड‍िया और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के बीच टीम इंडिया को ऋषभ पंत की इंजरी ने चिंता में डाल दिया है. पंत तीसरे दिन पूरे समय विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर नहीं उतरे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने दस्ताने संभाले. अब टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पंत की इंजरी और उनकी वापसी को लेकर पूरी तस्वीर साफ की है.
पंत को दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर गेंद लगी थी. तीसरे दिन वह ड्रेसिंग रूम में हाथ पर पट्टी बांधे नजर आए. मोर्केल ने बताया कि इंजरी के बाद उनके शरीर पर काफी गंभीर असर पड़ा है और इसी वजह से उनकी मूवमेंट सामान्य नहीं है.
आखिर पंत विकेटकीपिंग के लिए क्यों नहीं उतरे?
दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्ने मोर्केल ने बताया कि पंत के कंधे पर गेंद लगी थी और इस पर रात में भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि पंत को काफी चोट लगी है और जब वह सुबह वार्म-अप के लिए आए तो उनकी मूवमेंट कुछ हद तक सीमित नजर आई.
मोर्केल ने तीसरे द‍िन का खेल खत्म होने के बाद मंगलवार को कहा- ऋषभ के कंधे पर गेंद लगी थी. इस बारे में पिछली रात भी बात हुई थी. उन्हें काफी चोट लगी है. आज सुबह जब उन्होंने वार्म-अप करने की कोशिश की तो उनकी मूवमेंट ल‍िम‍िटेड थी. यही वजह रही कि पंत तीसरे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर नहीं उतरे और ध्रुव जुरेल ने उनकी जगह विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभाली.
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क्या चौथे दिन यानी आज मैदान पर लौटेंगे पंत?
टीम इंडिया अब रातभर पंत की इंजरी पर नजर रखेगी. मोर्केल ने उम्मीद जताई कि पंत चौथे दिन विकेट के पीछे वापसी कर सकते हैं. उन्होंने कहा- हम अब रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेंगे और उम्मीद है कि वह कल हमारे लिए विकेट के पीछे होंगे. मोर्केल के मुताबिक पंत का मैदान पर होना टीम के लिए काफी अहम है. खासतौर पर विकेटकीपर के तौर पर उनका गेम को पढ़ने (Read) का तरीका टीम को फायदा पहुंचाता है. उन्होंने कहा कि पंत की गेम रीडिंग शानदार है, इसलिए टीम चाहेगी कि वह जल्द से जल्द मैदान पर वापसी करें.
क्या कुलदीप यादव खेलते तो टीम में जगह बन सकती थी?
मोर्केल ने इस दौरान कुलदीप यादव के सेलेक्शन को लेकर भी बात की. दूसरे टेस्ट से पहले कुलदीप वायरल फीवर की चपेट में आ गए थे और इसी वजह से वह कोलंबो टेस्ट के लिए सेलेक्शन की दौड़ में नहीं आ सके. मोर्केल ने कहा कि सेलेक्शन का फैसला उनके हाथ में नहीं है, लेकिन उनकी राय में अगर कुलदीप बीमार नहीं होते तो उनका नाम टीम सेलेक्शन में जरूर चर्चा का हिस्सा होता.
उन्होंने कहा- सेलेक्शन मेरा फैसला नहीं है. पहले टेस्ट में उनसे कुछ खास भूमिकाएं निभाने के लिए कहा गया था, जो काफी कठिन टेस्ट था. लेकिन मेरी राय में अगर वह उपलब्ध होते तो उनका नाम चयन की दौड़ में जरूर होता.ससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक भी साफ कर चुके हैं कि कुलदीप को कोलंबो टेस्ट के लिए इसलिए नहीं चुना गया, क्योंकि वह गॉल से ही वायरल फीवर से जूझ रहे थे.
भारत की नजर अब श्रीलंका के आखिरी दो विकेट पर
मोर्केल ने कहा कि चौथे दिन भारत की पहली कोशिश श्रीलंका के बचे हुए दो विकेट जल्द से जल्द निकालने की होगी. भारत ने बोर्ड पर 500 रन लगाए हैं और टीम इस मजबूत स्थिति का पूरा फायदा उठाना चाहती है.
मोर्केल ने कहा कि टीम के लिए सबसे जरूरी एक सफलता हासिल करना है. इसके बाद गेंदबाजों को लगातार सही सवाल पूछने, बेहतरीन गेंदबाजी करने और साझेदारी में विकेट निकालने पर ध्यान देना होगा.
श्रीलंका की आखिरी वक्त की लड़ाई पर भी बोले मोर्केल
तीसरे दिन श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा, केशरा नुवंथा और लाहिरू कुमारा ने आखिर में कुछ संघर्ष दिखाया. मोर्केल ने माना कि भारत जल्द से जल्द मैदान से बाहर जाना चाहता था, लेकिन क्रिकेट में ऐसे दौर आते रहते हैं. उन्होंने कहा कि कूकाबुरा गेंद कई बार थोड़ी नरम हो जाती है, जिससे विकेट से अतिरिक्त उछाल और तेजी हासिल करना मुश्किल हो जाता है.

 

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